DN Exclusive: ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ की गूंज के बीच जानिए, किन-किन मंत्रियों ने विरोध के बाद छोड़ी थी कुर्सी

जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच देश की राजनीति के पुराने पन्ने फिर खुल गए हैं। इतिहास में कई ऐसे मौके आए, जब बड़े नेताओं ने विरोध और विवादों के बाद अपने पद से हटने का फैसला लिया। आखिर कौन-कौन से मंत्री थे, जिन्होंने जिम्मेदारी लेते हुए कुर्सी छोड़ दी थी?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 July 2026, 3:54 PM IST

New Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) का प्रोटेस्ट चल रहा है। शनिवार को जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का 21वां दिन था, लेकिन सुबह-सुबह दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम मौके पर पहुंची और सोनम वांगचुक को उठाकर ले गई। सोनम वांगचुक को सफदरगंज अस्पताल में एडमिट करवाया गया है।

सिर्फ एक ही मांग, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें

कॉकरोच जनता पार्टी, सोनम वांगचुक, दीपके और उनके साथियों की सिर्फ एक ही मांग है कि भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में बहुत सारी परीक्षाएं लीक हुई है। जिससे सीधे तौर पर स्टूडेंट्स को प्रभाव पड़ा है। यहां तक कि 11 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने सुसाइड तक कर लिया। इसी के विरोध में "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया।

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आज हम आपको डाइनामाइट न्यूज़ की इस खबर में बताएंगे कि देश में कौन-कौन से ऐसे मंत्री थे, जिन्होंने विरोध के चलते अपने आप इस्तीफा दे दिया था।

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डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी

सबसे पहले डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम है। जब देश में जवाहरलाल नेहरू की सरकार थी तो डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री थे। उन्होंने 1950 में नेहरू-लियाकत समझौते के विरोध में इस्तीफा दिया। उन्होंने राजनीतिक और विचारों से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए इस्तीफा दिया था।

अशोक चव्हाण

दूसरे नंबर पर अशोक चव्हाण का नाम सामने आता है। वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, लेकिन वर्ष 2010 में जब सोसायटी हाउसिंग विवाद हुआ तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उस समय सार्वजनिक दबाव भी बना था। उन्होंने जनता की बात को सुना और इस्तीफा दे दिया।

सुरेश प्रभु

तीसरे नंबर पर हम बात करेंगे। सुरेश प्रभु रेल मंत्री थे उस समय लगातार रेल दुर्घटना हो रही थी। इसके लिए विपक्ष ने उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया था और जनता भी काफी नाराज थी। जिसकी वजह से सुरेश प्रभु ने 2017 में अपने मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

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ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने भी जनता का विरोध देखने के बाद बड़ा कदम उठाया था। केंद्र में रेल मंत्री रहते हुए 2000 में गैसल ट्रेन हादसे के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया था। हालांकि, तत्काल में प्रधानमंत्री ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया।

लाल बहादुर शास्त्री

पांचवें नंबर पर आते हैं लाल बहादुर शास्त्री। रेल मंत्री रहते हुए 1956 में अरियालूर रेल हादसा हुआ। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दिया। पहले तो प्रधानमंत्री नेहरू ने लाल बहादुर शास्त्री का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था, लेकिन बाद में जनता का दवाब बना तो इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

Location :  New Delhi

Published :  18 July 2026, 3:54 PM IST