
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव (Img: Dynamite News )
Firozabad: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद चर्चा में है। बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद अब समाजवादी पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने इस मामले में भाषा की मर्यादा को जरूरी बताते हुए खरगे के बयान से असहमति जताई है।
रामगोपाल यादव ने कहा कि राजनीति में सभी नेताओं को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के पिता को लेकर जो बात कही, उससे वह बिल्कुल सहमत नहीं हैं।
उन्होंने कहा, "देखिए, भाषा का संयम सबको रखना चाहिए।" रामगोपाल यादव के मुताबिक, जब बड़े नेता ही सार्वजनिक मंचों से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो छोटे नेताओं से मर्यादा बनाए रखने की उम्मीद करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने आगाह किया कि राजनीतिक बातचीत में संयम नहीं रखा गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
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इस विवाद पर समाजवादी पार्टी के सांसद आरके चौधरी की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उनसे जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, "हम तो समाजवादी पार्टी में हैं। उन्होंने कहा कि 'किस लहजे में कहा है, मैंने तो उनसे बात नहीं की है, लेकिन निश्चित तौर पर बड़े नेता हैं। जो कह दिया, मुंह से निकल गया, सो निकल गया। हमारी इससे कोई सफाई नहीं है।"
यह पूरा मामला रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे संबोधित रहे थे।
इसी दौरान सभा में मौजूद एक युवक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की। युवक की बात का जवाब देते हुए खरगे ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे कार्यक्रम में हंगामा शुरू हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान युवक के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में युवक ने अपनी बात का मतलब स्पष्ट करते हुए कहा कि उसकी टिप्पणी को गलत समझा गया था।
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कार्यक्रम में खरगे ने सिर्फ प्रधानमंत्री को लेकर ही बात नहीं की थी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और भारतीय जनता पार्टी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर भी सवाल उठाए थे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराने और एसआईआर की प्रक्रिया रोकने की मांग की। उन्होंने पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग भी रखी।
Location : Firozabad
Published : 27 October 2026, 1:05 PM IST