अपराधियों जैसा सुलूक और रातभर थाने में कैद! रिहाई के बाद पुलिस पर भड़कीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, लगाए गंभीर आरोप

नेहा बोरा ने हिरासत के दौरान वकीलों से संपर्क में देरी और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अब अभिजीत दिपके की मजिस्ट्रेट के सामने पेशी पर नजर रहेगी।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 17 October 2026, 9:34 AM IST

New Delhi: दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गई अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को शनिवार तड़के रिहा कर दिया गया। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को आज विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया जाना है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोनों को 16 अक्टूबर की शाम हिरासत में लिया गया था।

रिहाई के बाद नेहा बोरा ने पुलिस पर उठाए सवाल

रिहाई के बाद नेहा बोरा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिकों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है, मानो वे बड़े अपराधी हों। उनके मुताबिक, लोगों को दिन या शाम में हिरासत में लेने के बाद पूरी रात थाने में रखा जाता है और अगले दिन छोड़ा जाता है।

नेहा बोरा ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई को किस कानून या अधिकार के तहत उचित ठहराया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की हिरासत और रिहाई से जुड़े नियमों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि इनका पालन नहीं किया जा रहा है।

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दिल्ली में अव्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना

AISA अध्यक्ष ने दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन और रास्तों के बंद होने को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शहर में पैदा हुई स्थिति से आम लोगों को परेशानी हो रही है और काम पर जाने वाले लोगों को रास्ते बंद मिलने की शिकायत है।

नेहा बोरा ने अपने बयान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे आम नागरिकों को राहत मिलनी चाहिए और उनके मतदान के अधिकार सुरक्षित रहने चाहिए।

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वकीलों से संपर्क में देरी का आरोप

नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिस ने उनसे नाम, पता और अन्य व्यक्तिगत विवरण मांगे, लेकिन काफी देर तक उन्हें अपनी बात रखने या वकील से बातचीत करने का अवसर नहीं दिया गया। उनके अनुसार, वकीलों ने उनसे संपर्क करने के लिए पांच से छह घंटे तक प्रयास किया।

उन्होंने दावा किया कि फोन मिलने के बाद ही वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति दी गई। नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से इस तरह का व्यवहार लंबे समय से किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।

अभिजीत दिपके की पेशी पर नजर

इस मामले में CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जाना है। उनकी पेशी के बाद मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  17 October 2026, 8:29 AM IST