बिहार मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चाएं तेज: कौन बनेगा मंत्री? दिल्ली में अमित शाह संग CM सम्राट चौधरी ने की बैठक

बिहार की राजनीति में कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली पहुंचे हैं, जहां उनकी अमित शाह और भाजपा नेताओं से अहम बैठक होने की संभावना है। माना जा रहा है कि नई कैबिनेट के गठन और मंत्रियों के नामों पर अंतिम चर्चा हो सकती है। जदयू-भाजपा के बीच सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर भी सहमति बनने के संकेत मिल रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 May 2026, 6:51 PM IST

New Delhi:  बिहार की राजनीति में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार रात दिल्ली रवाना हुए, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में नई कैबिनेट को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि दिल्ली में होने वाली बैठकों के दौरान बिहार मंत्रिमंडल विस्तार पर अहम फैसला लिया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में नई कैबिनेट के स्वरूप, मंत्रियों की संख्या और सहयोगी दलों की हिस्सेदारी पर चर्चा हो सकती है। बिहार में लंबे समय से कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा चल रही थी, लेकिन अब इसे अंतिम चरण में माना जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह दौरा सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि सरकार के अगले राजनीतिक समीकरण तय करने वाला कदम भी हो सकता है। भाजपा और जदयू के बीच समन्वय बनाकर नई टीम को अंतिम रूप देने की तैयारी मानी जा रही है।

अमित शाह और भाजपा नेताओं से होगी अहम चर्चा

दिल्ली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अमित शाह से मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। इस बैठक में बिहार की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक समीकरण और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर विस्तृत बातचीत होने की संभावना है।

सूत्रों की मानें तो भाजपा संगठन के शीर्ष नेताओं के साथ भी अलग-अलग दौर की बैठकों का कार्यक्रम तय हो सकता है। इन बैठकों में यह तय किया जाएगा कि किन नेताओं को मंत्री बनाया जाए और किन विभागों की जिम्मेदारी किसे मिले।

दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। माना जा रहा है कि इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार और गठबंधन के अंदर समन्वय पर चर्चा हुई होगी। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद बिहार में नई कैबिनेट की घोषणा की जा सकती है।

15-15 फॉर्मूले और सहयोगी दलों पर भी नजर

सूत्रों के मुताबिक, बिहार मंत्रिमंडल विस्तार में जदयू और भाजपा के बीच 15-15 सीटों का फॉर्मूला लागू किया जा सकता है। यानी दोनों दलों को बराबर प्रतिनिधित्व देने की कोशिश होगी। हालांकि कुछ पद भविष्य के लिए खाली रखे जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

गठबंधन की राजनीति को ध्यान में रखते हुए सहयोगी दलों को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। एलजेपी (आर), हम और आरएलएम जैसे दलों को प्रतिनिधित्व देकर राजनीतिक संतुलन बनाने की तैयारी की जा रही है।

दोनों प्रमुख दलों में संभावित मंत्रियों के नामों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, अनुभव और नए चेहरों को ध्यान में रखते हुए सूची तैयार की जा रही है। अब सबकी नजर 6 मई पर टिकी है, क्योंकि माना जा रहा है कि इसी समय के आसपास नई कैबिनेट को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है। दिल्ली दौरा बिहार की राजनीति के लिए अहम मोड़ साबित हो सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  2 May 2026, 6:51 PM IST