NEET प्रदर्शन के बीच विजय सरकार का बड़ा फरमान! छात्रों को CJP-लेफ्ट के प्रोटेस्ट से दूर रखने का आदेश, सियासत गरम

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार ने छात्रों के राजनीतिक प्रदर्शनों में शामिल होने को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। 14 अगस्त को विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को भेजे गए आदेश में स्कूल और कॉलेज छात्रों को लेफ्ट पार्टियों और CJP के प्रदर्शनों से दूर रखने के लिए शिक्षा विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया है। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने फैसले को गैर-संवैधानिक बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 19 August 2026, 1:01 PM IST

Tamil Nadu: तमिलनाडु में छात्रों के राजनीतिक अधिकार को लेकर नई सियासी बहस छिड़ गई है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार के एक निर्देश ने विपक्षी दलों और छात्र संगठनों को सरकार के आमने-सामने ला खड़ा किया है। सरकार ने स्कूल और कॉलेज के छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने के लिए शिक्षा विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को मिलकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। खास तौर पर लेफ्ट पार्टियों और कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP की ओर से आयोजित प्रदर्शनों में छात्रों की भागीदारी रोकने की बात कही गई है।

14 अगस्त को यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रारों को भेजा गया आदेश

बताया जा रहा है कि 14 अगस्त को सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को इस संबंध में निर्देश जारी किया गया। आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग को छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रखने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। इसके साथ ही पुलिस और जिला प्रशासन को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि छात्र राजनीतिक दलों या संगठनों की ओर से आयोजित प्रदर्शनों में भाग न लें।

CJP Protest: युवाओं के समर्थन में उठीं बॉलीवुड हस्तियों की आवाजें, दीया मिर्जा बोलीं-पारदर्शिता लोकतंत्र का हिस्सा

NEET विरोध प्रदर्शनों के बीच आया फैसला

सरकार का यह निर्देश ऐसे समय आया है, जब तमिलनाडु में NEET को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों की सक्रियता बनी हुई है। लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठन NEET के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं CJP भी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को पूरी तरह खत्म करने की मांग कर रही है। ऐसे में सरकार के नए निर्देश का सीधा असर इन विरोध प्रदर्शनों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। खासकर उन छात्रों पर, जो NEET जैसे मुद्दों को लेकर होने वाले प्रदर्शनों में अपनी भागीदारी दर्ज कराते हैं।

CJP ने बताया गैर-संवैधानिक

सरकार के आदेश पर CJP ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि किसी भी सरकार को शांतिपूर्ण विरोध करने के अधिकार पर रोक लगाने का अधिकार नहीं है। सौरव दास का कहना है कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार के आदेश को गैर-संवैधानिक बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।

‘निजी फायदे के लिए हो रहा काम’, फैजान अंसारी का CJP पर तीखा हमला, अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी पर अड़े

सरकार के पुराने फैसले से भी उठे सवाल

विजय सरकार के नए निर्देश को लेकर इसलिए भी चर्चा हो रही है क्योंकि कुछ समय पहले सरकार ने एंटी-NEET प्रदर्शनों से जुड़े पुराने मामलों को वापस लेने का निर्देश दिया था। बताया गया था कि इन मामलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे। सरकार के उस फैसले को छात्रों के प्रति नरम रुख के तौर पर देखा गया था।

Location :  Tamil Nadu

Published :  19 August 2026, 1:01 PM IST