राम मंदिर मुद्दे पर बंद कमरे में क्या हुई चर्चा? अखिलेश यादव और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बैठक के बाद सियासी हलचल तेज

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात कर सनातन धर्म, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और गौ संरक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा की। मुलाकात के बाद साझा तस्वीरों और बयानों ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 9 July 2026, 12:53 PM IST

Ayodhya: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। दोनों नेताओं के बीच सनातन धर्म, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और गौ संरक्षण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुलाकात की तस्वीरें और जानकारी अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की।

सनातन धर्म के मुद्दों पर हुई विस्तृत बातचीत

अखिलेश यादव ने मुलाकात के बाद कहा कि उन्हें शंकराचार्य के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि इस दौरान सनातन धर्म से जुड़े मौजूदा मुद्दों, धर्म के सामने मौजूद चुनौतियों और उसे अधर्मियों के प्रभाव से मुक्त कराने जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि समाज और धर्म से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ, जिससे राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पहले भी उठा चुके हैं सवाल

अखिलेश यादव इससे पहले भी अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना रहा है कि इस मामले से देश और विदेश में रहने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।

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उन्होंने आरोप लगाया कि इस विवाद से न केवल सनातन समाज में नाराजगी बढ़ी है, बल्कि भारत की छवि पर भी असर पड़ा है। उनके अनुसार, श्रद्धालुओं द्वारा आस्था के साथ दिए गए दान का पारदर्शी उपयोग होना चाहिए।

गौ संरक्षण पर भी बोले शंकराचार्य

मुलाकात के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में गौमाता के संरक्षण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और कई स्थानों पर गायों की स्थिति चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने और उनके संरक्षण को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने राम मंदिर से जुड़े विषय पर भी रामभक्तों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।

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सियासी मायनों में अहम मानी जा रही मुलाकात

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में यह मुलाकात आगामी राजनीतिक घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि दोनों नेताओं ने इसे धार्मिक और सामाजिक विषयों पर केंद्रित चर्चा बताया, लेकिन राम मंदिर और सनातन जैसे मुद्दों पर हुई बातचीत ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

Location :  Ayodhya

Published :  9 July 2026, 12:52 PM IST