गोरखपुर में बीजेपी को ‘जीरो’ करने का प्लान! अखिलेश ने खोले चुनावी पत्ते, क्या बदलने वाला है यूपी का सियासी गणित?

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी प्राथमिकता धर्म नहीं बल्कि धन है। उन्होंने गोरखपुर में भाजपा को शून्य पर लाने का संकल्प दोहराया। साथ ही महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, दलित उत्पीड़न और लोकतंत्र को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

Post Published By: Komal Pandey
Updated : 17 June 2026, 6:53 PM IST

Lucknow: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति धर्म के नाम पर दिखाई देती है, लेकिन उसकी वास्तविक प्राथमिकता धन है। उनके अनुसार मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण अमीर और अधिक अमीर होता जा रहा है, जबकि गरीब लगातार आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है।

गोरखपुर में बदलेंगे राजनीतिक समीकरण

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर में राजनीतिक नतीजे बदलने का संकल्प लिया है। उन्होंने दावा किया कि इस बार पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नेतृत्व भाजपा को गोरखपुर में शून्य पर लाने के लिए संगठित तरीके से काम करेंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही पार्टी संगठन गोरखपुर में एक बड़ी बैठक की तारीख तय करेगा।

स्कूल बंद होने और रोजगार पर उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि गोरखपुर में लगभग 500 प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं, जिससे करीब 1500 लोगों के रोजगार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सरकार की नीतियां आम जनता के हित में नहीं हैं। साथ ही उन्होंने दलितों के खिलाफ अपराध और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई।

अयोध्या, मथुरा और सीसीटीवी पर सरकार को घेरा

प्रेसवार्ता के दौरान अखिलेश ने अयोध्या में कथित जमीन घोटाले का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास परियोजनाओं के नाम पर कई व्यापारियों की दुकानें तोड़ी गईं। मथुरा को लेकर लिखी गई चिट्ठी, केयर फंड और गुरु दक्षिणा के हिसाब-किताब पर भी सवाल उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन स्थानों पर चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगे, वहां से सीसीटीवी फुटेज गायब होने की घटनाएं सामने आई हैं।

सांसदों की टूट की चर्चा पर दिया जवाब

सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा पहले भी विपक्षी दलों के विधायक और सांसद तोड़ती रही है। उन्होंने कहा कि जो नेता मजबूत और बहादुर होगा, वही भाजपा के खिलाफ संघर्ष में टिकेगा। साथ ही दावा किया कि भाजपा के कई विधायक समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं और समय आने पर इसका खुलासा होगा।

2027 का चुनाव लोकतंत्र बचाने की लड़ाई

अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से वोटर लिस्ट और बूथ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का 2027 विधानसभा चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं बल्कि लोकतंत्र बचाने का चुनाव होगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर भी निशाना साधा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गोरखपुर को लेकर अखिलेश यादव की आक्रामक रणनीति केवल एक सीट या क्षेत्र तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों की वजह पड़ताल के मुताबिक, पूर्वांचल में भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाकर सपा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करना चाहती है। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और बस्ती मंडल की सीटों पर यदि विपक्षी वोटों का बेहतर समन्वय होता है तो पूर्वांचल की राजनीति में नया समीकरण उभर सकता है। यही कारण है कि सपा नेतृत्व अब बूथ प्रबंधन, मतदाता सूची सत्यापन और स्थानीय मुद्दों को चुनावी रणनीति का केंद्र बना रहा है।

Location :  Lucknow

Published :  17 June 2026, 4:16 PM IST