“BJP हारने लगती है तो चुनाव आयोग के पीछे छिप जाती है”, अखिलेश यादव का दावा- पकड़े गए 19 लाख फर्जी वोटर

अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा प्रमुख ने 19 लाख फर्जी वोटर पकड़े जाने का दावा करते हुए एसआईआर प्रक्रिया और बीएलओ की मौतों का मुद्दा भी उठाया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 October 2026, 3:58 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हो रही हैं और अब तक 19 लाख फर्जी वोटर पकड़े गए हैं।

भाजपा पर लगाए चुनावी गड़बड़ी के आरोप

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव हारने की आशंका होने पर चुनाव आयोग के पीछे छिप जाती है। उन्होंने दावा किया कि आयोग और प्रशासन की मदद से मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है। सपा प्रमुख ने भाजपा की कथित चुनावी रणनीतियों का जिक्र करते हुए फर्जी वोट जुड़वाने, विरोधियों के नाम कटवाने, मतदान के दौरान दबाव बनाने और मतगणना में गड़बड़ी करने जैसे आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव बेहद जरूरी हैं और मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों पर पारदर्शी तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए।

19 लाख फर्जी वोटर होने का दावा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा प्रमुख ने दावा किया कि पहले सामने आए 16 लाख संदिग्ध मतदाताओं के अलावा तीन लाख और फर्जी वोटर पकड़े गए हैं। इस तरह उन्होंने कुल संख्या 19 लाख 20 हजार बताई। उनके मुताबिक, लोनी और साहिबाबाद जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में संदिग्ध वोटर जोड़े जाने की शिकायतें हैं।

अखिलेश ने मुरादाबाद का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां सपा की हार के बाद करीब आठ हजार फर्जी वोट जुड़वाए गए। उन्होंने सरोजनी नगर और सुल्तानपुर में भी मतदाता सूची से जुड़े कथित अनियमित मामलों का जिक्र किया।

एसआईआर प्रक्रिया और बीएलओ की मौत का मुद्दा

अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के दौरान 29 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की मौत हुई है। उन्होंने फॉर्म जमा करने, नाम जोड़ने और जानकारी सार्वजनिक करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि कई मामलों में मतदाताओं को पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहकर मतदाता सूची की जांच करनी चाहिए, ताकि किसी पात्र व्यक्ति का नाम न छूटे और गलत नाम शामिल न हो।

17 और 24 अक्टूबर को कार्यकर्ताओं से खास अपील

अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से 17 और 24 अक्टूबर को बूथों पर मौजूद रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन तारीखों पर चलने वाले विशेष अभियान के दौरान कार्यकर्ता मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और संदिग्ध प्रविष्टियों की शिकायत करने में लोगों की मदद करें।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मतदाता सूची को आधार से जोड़ने के विकल्प पर गंभीरता से विचार क्यों नहीं किया जाता। हालांकि, मतदाता पहचान और आधार से जुड़े नियमों के तहत किसी भी व्यवस्था को लागू करने के लिए कानूनी प्रावधानों और निजता संबंधी पहलुओं का ध्यान रखना जरूरी है।

भवानी भीख शुक्ला ने थामा सपा का दामन

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोंडा के कटरा क्षेत्र के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि और जिला पंचायत सदस्य भवानी भीख शुक्ला अपने पांच बेटों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। उन्हें पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का करीबी माना जाता है। अखिलेश यादव ने उनके पार्टी में शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए सभी का स्वागत किया।

Location :  Lucknow

Published :  15 October 2026, 3:58 PM IST