पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM और जनता उन्नयन पार्टी ने गठबंधन का ऐलान किया। असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर ने 20 रैलियों की योजना बनाई, जिसका उद्देश्य राज्य में मुस्लिम नेतृत्व को मजबूत करना बताया गया है।

बंगाल चुनाव से पहले ओवैसी-कबीर गठबंधन (Img: Internet)
Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और जनता उन्नयन पार्टी ने गठबंधन की घोषणा की है। इस मौके पर पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और फाउंडर हुमायूं कबीर ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रणनीति साझा की।
हुमायूं कबीर ने बताया कि गठबंधन पूरे राज्य में 20 रैलियां करेगा। पहली रैली 1 अप्रैल को बहरामपुर में आयोजित होगी, जिसमें ओवैसी भी शामिल रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन रैलियों का उद्देश्य जनता के बीच जाकर गठबंधन की विचारधारा और ताकत को प्रदर्शित करना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने स्पष्ट किया कि इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समुदाय से एक मजबूत राजनीतिक नेतृत्व को उभारना है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों ने सीटों के बंटवारे पर सहमति बना ली है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।
ओवैसी ने यह भी कहा कि यह गठबंधन केवल विधानसभा चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे लंबे समय तक जारी रखा जाएगा। हुमायूं कबीर ने भी इस बात को दोहराते हुए कहा कि दोनों पार्टियां मिलकर भविष्य में भी राजनीतिक रूप से साथ काम करेंगी और राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करेंगी।
इसके अलावा, दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से जनसभाएं करने और राज्य के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय प्रचार अभियान चलाने की बात कही। उनका मानना है कि यह गठबंधन जनता के बीच एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरेगा और चुनाव में प्रभाव डालेगा।
इस गठबंधन पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने और पार्टी बनाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता किसी को आसानी से स्वीकार नहीं करती, इसके लिए काम और संघर्ष करना पड़ता है।