West Bengal: पुलिस के सामने पेश नहीं हुए अभिषेक बनर्जी, मांगे 48 घंटे; कैमक स्ट्रीट केस में अब क्या होगा?

पश्चिम बंगाल में कैमक स्ट्रीट बिलबोर्ड विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी सोमवार को पुलिस के सामने पेश नहीं हुए और ईमेल के जरिए 48 घंटे का अतिरिक्त समय मांगा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 October 2026, 2:04 PM IST

Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजनीति में कैमक स्ट्रीट बिलबोर्ड विवाद एक बार फिर चर्चा में है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी सोमवार को शेक्सपियर सरणी थाने में पेश नहीं हुए। पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए सुबह 10 बजे बुलाया था, लेकिन तय समय पर पहुंचने के बजाय उन्होंने ईमेल भेजकर 48 घंटे की अतिरिक्त मोहलत मांगी।

पुलिस ने क्यों बुलाया था अभिषेक बनर्जी को?

कैमक स्ट्रीट पर बिलबोर्ड हटाने के दौरान हुए विवाद को लेकर पुलिस ने अभिषेक बनर्जी को नोटिस दिया था। आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान कोलकाता नगर निगम के कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली गई और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ।

पुलिस ने रविवार को अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें नोटिस सौंपा था। नोटिस में सोमवार सुबह 10 बजे शेक्सपियर सरणी थाने में उपस्थित होने को कहा गया था। हालांकि, निर्धारित समय पर वह थाने नहीं पहुंचे और उन्होंने ईमेल के जरिए दो दिन का अतिरिक्त समय मांगा। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने उनकी इस मांग पर क्या निर्णय लिया है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

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27 अगस्त को कैमक स्ट्रीट पर क्या हुआ था?

इस विवाद की शुरुआत 27 अगस्त को हुई थी। उस दिन कोलकाता नगर निगम के कर्मचारियों ने कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के बाहर लगे एक बिलबोर्ड को हटाने की कार्रवाई की थी। बताया गया कि नगर निगम ने इस बिलबोर्ड को कथित तौर पर अवैध माना था।

कार्रवाई के दौरान विवाद बढ़ने और धक्का-मुक्की होने के आरोप सामने आए। पुलिसकर्मियों और नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मारपीट तथा सरकारी काम में बाधा डालने की शिकायतें भी की गईं। बाद में बिलबोर्ड को हटा दिया गया।

नगर निगम की शिकायत पर दर्ज हुईं तीन FIR

इस मामले में शेक्सपियर सरणी थाने में तीन FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायतों में पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दो मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गैर-जमानती धाराएं भी लगाई गई हैं। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोप अपने आप में अपराध साबित नहीं करते।

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पहले भी हो चुकी है अभिषेक से पूछताछ

कैमक स्ट्रीट बिलबोर्ड विवाद से जुड़े एक अन्य मामले में अभिषेक बनर्जी से पहले भी पूछताछ की जा चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उस दौरान पुलिस ने उनसे करीब पांच घंटे तक सवाल-जवाब किए थे। अब एक अन्य शिकायत के सिलसिले में उन्हें दोबारा बुलाया गया है।

शिकायत में दूसरे नेताओं के नाम भी

इस मामले से जुड़ी शिकायत में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन, वैश्वानर चट्टोपाध्याय और पूर्व आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर समेत कुछ अन्य लोगों के नाम भी शामिल बताए गए हैं।

Location :  Kolkata

Published :  12 October 2026, 2:04 PM IST