साल 2026 का सूर्य ग्रहण आते ही घरों में एक अलग ही हलचल शुरू हो जाती है। कुछ लोग खिड़कियों पर पर्दे गिरा देते हैं, तो कुछ पहले से ही पूजा-पाठ के नियमों और सूतक काल की तैयारी करने लगते हैं। खासकर उन लोगों के लिए यह सवाल उठता है, जो रोज़ सुबह सूर्य को जल अर्पित करते हैं क्या ग्रहण के दौरान यह परंपरा निभाई जा सकती है?

सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है। खगोलीय दृष्टि से यह सामान्य प्राकृतिक घटना है, लेकिन ज्योतिष और धर्मशास्त्र में इसे विशेष महत्व दिया गया है। शास्त्रों में इसे “संवेदनशील अवधि” माना गया है, जब सूर्य की ऊर्जा अस्थायी रूप से कमजोर हो जाती है और वातावरण में नकारात्मक प्रभाव बढ़ जाता है। (Img- Internet)
ग्रहण से पहले शुरू होने वाले सूतक काल में कई धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, भोजन पकाने और खाने से परहेज़ करने की सलाह दी जाती है। यह समय आत्मसंयम और मानसिक शुद्धता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। (Img- Internet)
भारतीय संस्कृति में सूर्य को प्रत्यक्ष देव माना गया है। रोज़ सुबह तांबे के लोटे से सूर्य को जल देना सिर्फ धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि जीवनशैली भी है। ज्योतिष के अनुसार इससे आत्मबल बढ़ता है, स्वास्थ्य बेहतर रहता है और कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। यही कारण है कि ग्रहण के दौरान लोग सोचते हैं क्या अर्घ्य देना चाहिए या नहीं? (Img- Internet)
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहण के समय सूर्य को अर्घ्य देना उचित नहीं माना जाता। ग्रहण में सूर्य की ऊर्जा ढकी रहती है और राहु-केतु का प्रभाव सक्रिय होता है। अर्घ्य देते समय सूर्य की ओर दृष्टि जाने पर सकारात्मक फल मिलने की संभावना कम हो जाती है। इस दौरान मानसिक जाप जैसे “ॐ सूर्याय नमः” करना अधिक सुरक्षित और लाभकारी माना गया है। (Img- Internet)
सूर्य ग्रहण समाप्त होते ही स्नान करके घर और पूजा स्थल की शुद्धि की जाती है। इसके बाद सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। अगर ग्रहण सुबह या दोपहर तक खत्म हो रहा हो, तो उसी दिन सूर्य को जल अर्पित करना विशेष फलदायी होता है। (Img- Internet)
धार्मिक दृष्टि से ग्रहण को अस्थायी नकारात्मक समय माना जाता है, जबकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह खगोलीय घटना है। फिर भी परंपरा और ज्योतिष में इस समय का महत्व इसलिए रखा गया है ताकि लोग मानसिक शांति और संयम बनाए रखें। (Img- Internet)