UP News (3)

इस पहल से जुड़े कई पूर्व छात्र आज देश-विदेश में काम कर रहे हैं। चेतन गिरी गोस्वामी बैंक ऑफ इंडिया में अधिकारी हैं। मुकेश पांडेय IIT दिल्ली में रिसर्च एसोसिएट हैं। सिमल सिंह PWD में सहायक अभियंता हैं, जबकि रितिका सचान जर्मनी में सॉफ्टवेयर क्षेत्र में कार्यरत हैं। इन युवाओं ने अपनी मंजिल हासिल करने के बाद भी ‘कोशिश’ से रिश्ता नहीं तोड़ा। वे समय निकालकर नई पीढ़ी के बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं। एक चटाई से शुरू हुआ सफर, अब बन रहा मिसाल ‘कोशिश’ की कहानी बताती है कि शिक्षा के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। कभी गोमती किनारे एक चटाई पर शुरू हुई पढ़ाई आज बेटियों को इंजीनियरिंग कॉलेज तक पहुंचा रही है। निधा और मुमना की सफलता इस बात का प्रमाण है कि अगर कोशिश जारी रहे तो हालात चाहे जैसे हों, मंजिल जरूर मिलती है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 5 September 2026, 7:55 AM IST
google-preferred

Published :  5 September 2026, 7:51 AM IST

Advertisement