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आज यही ‘कोशिश’ उन बच्चों के सपनों की पाठशाला बन चुकी है, जिनके लिए आर्थिक परिस्थितियां शिक्षा की राह में सबसे बड़ी चुनौती थीं। इस पहल से पढ़ने वाली बेटियों ने अब BTech में प्रवेश लेकर साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत मिले तो गोमती किनारे से भी इंजीनियरिंग कॉलेज तक का सफर तय किया जा सकता है।
Published : 5 September 2026, 7:51 AM IST