Sultanpur Janmashtami 2026: आधी रात होते ही गूंजेगा ‘नंद के आनंद भयो’, स्कूल से पुलिस लाइन तक कृष्णमय हुआ सुल्तानपुर
सुल्तानपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भक्ति और उत्साह का माहौल है। स्कूलों, मंदिरों, पुलिस लाइन और थानों में विशेष आयोजन हुए। राधा-कृष्ण की झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों ने कान्हा-राधा का रूप धारण किया। श्रद्धालु अब आधी रात होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
Sultanpur: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शुक्रवार को पूरे सुल्तानपुर में भक्ति और उत्साह का माहौल नजर आया। मंदिरों से लेकर विद्यालयों, पुलिस लाइन, थानों, बाजारों और ग्रामीण इलाकों तक भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां की गईं। जगह-जगह राधा-कृष्ण की झांकियां सजाई गईं और भजन-कीर्तन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
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रामराजी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज में जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि मातृ भारती की सदस्य रश्मि मिश्रा और आरती गुप्ता तथा प्रधानाचार्य रेनू सिंह ने पूजन-अर्चन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।
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मुख्य वक्ता चंद्रशेखर आचार्य ने छात्राओं को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने अधर्म और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करते हुए धर्म की स्थापना का संदेश दिया और कर्म को जीवन का आधार बताया।
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कार्यक्रम में छात्राओं ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं। ऋतंभरा ने भजन प्रस्तुत किया, जबकि सृष्टि और साक्षी मौर्य ने कृष्ण भक्ति से जुड़ी प्रस्तुति देकर माहौल भक्तिमय कर दिया। प्रियंका द्विवेदी और छात्राओं ने श्रीकृष्ण की रासलीला पर आधारित नृत्य पेश किया।
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विद्यालय में कक्षावार राधा-कृष्ण झांकी प्रतियोगिता भी कराई गई। संगीताचार्य रोली श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के आधार पर सम्मानित किया जाएगा।
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जन्माष्टमी के अवसर पर सुल्तानपुर पुलिस भी कृष्ण भक्ति में रंगी नजर आई। पुलिस लाइन सहित जिले के विभिन्न थानों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विशेष आयोजन किए गए। शाम से ही सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो गई थीं।
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जन्माष्टमी की सबसे खूबसूरत तस्वीर बच्चों के बीच देखने को मिली। अभिभावकों ने बच्चों को राधा और कृष्ण की पोशाक पहनाई। नन्हे कान्हा और राधा के रूप में बच्चों की तस्वीरें लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं। वहीं व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने फलाहार किया। बाजारों में केला, रामदाना, मूंगफली और अन्य फलाहार सामग्री की मांग बढ़ी रही।
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अब श्रद्धालुओं को रात 12 बजे होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का इंतजार है। जन्म के समय मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर शंख-घंटियों के बीच ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘नंद के आनंद भयो’ के जयघोष से पूरा सुल्तानपुर भक्तिमय होने की उम्मीद है।
Sultanpur: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शुक्रवार को पूरे सुल्तानपुर में भक्ति और उत्साह का माहौल नजर आया। मंदिरों से लेकर विद्यालयों, पुलिस लाइन, थानों, बाजारों और ग्रामीण इलाकों तक भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां की गईं। जगह-जगह राधा-कृष्ण की झांकियां सजाई गईं और भजन-कीर्तन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
रामराजी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज में जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि मातृ भारती की सदस्य रश्मि मिश्रा और आरती गुप्ता तथा प्रधानाचार्य रेनू सिंह ने पूजन-अर्चन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।
मुख्य वक्ता चंद्रशेखर आचार्य ने छात्राओं को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने अधर्म और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करते हुए धर्म की स्थापना का संदेश दिया और कर्म को जीवन का आधार बताया।
कार्यक्रम में छात्राओं ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं। ऋतंभरा ने भजन प्रस्तुत किया, जबकि सृष्टि और साक्षी मौर्य ने कृष्ण भक्ति से जुड़ी प्रस्तुति देकर माहौल भक्तिमय कर दिया। प्रियंका द्विवेदी और छात्राओं ने श्रीकृष्ण की रासलीला पर आधारित नृत्य पेश किया।
विद्यालय में कक्षावार राधा-कृष्ण झांकी प्रतियोगिता भी कराई गई। संगीताचार्य रोली श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के आधार पर सम्मानित किया जाएगा।
जन्माष्टमी के अवसर पर सुल्तानपुर पुलिस भी कृष्ण भक्ति में रंगी नजर आई। पुलिस लाइन सहित जिले के विभिन्न थानों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विशेष आयोजन किए गए। शाम से ही सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो गई थीं।
जन्माष्टमी की सबसे खूबसूरत तस्वीर बच्चों के बीच देखने को मिली। अभिभावकों ने बच्चों को राधा और कृष्ण की पोशाक पहनाई। नन्हे कान्हा और राधा के रूप में बच्चों की तस्वीरें लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं। वहीं व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने फलाहार किया। बाजारों में केला, रामदाना, मूंगफली और अन्य फलाहार सामग्री की मांग बढ़ी रही।
अब श्रद्धालुओं को रात 12 बजे होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का इंतजार है। जन्म के समय मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर शंख-घंटियों के बीच ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘नंद के आनंद भयो’ के जयघोष से पूरा सुल्तानपुर भक्तिमय होने की उम्मीद है।