Independence Day 2026: 15 अगस्त को ही क्यों मिली आजादी? जानिए आजादी से जुड़े वे 10 अनसुने सच, जो किताबों में नहीं मिलते
Independence Day 2026: 15 अगस्त को भारत की आजादी के 10 ऐसे ऐतिहासिक और अनसुने तथ्य जानिए जो किताबों में कम ही मिलते हैं। गांधी जी की अनुपस्थिति से लेकर रेडक्लिफ सीमा तक, पढ़ें पूरी खबर
15 अगस्त 1947 को भारत ब्रिटिश हुकूमत से आजाद हुआ। यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व और देशभक्ति का प्रतीक है, जब पूरे देश में ध्वजारोहण और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं। हालांकि, इस ऐतिहासिक दिन और हमारी आजादी के सफर से जुड़ी कई ऐसी बेहद दिलचस्प बातें हैं, जिन्हें आम तौर पर किताबों में जगह नहीं मिल पाई है। (Img- Pinterest)
2 / 5
आजादी की पूर्व संध्या पर जवाहरलाल नेहरू ने अपना मशहूर भाषण 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' दिया और वे देश के पहले प्रधानमंत्री बने। राष्ट्रीय ध्वज को आजादी से कुछ हफ्ते पहले 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया था। बेहद हैरान करने वाली बात यह है कि महात्मा गांधी दिल्ली के आजादी समारोह में शामिल नहीं थे, वे कलकत्ता में हिंसा रोकने में जुटे थे। (Img- Pinterest)
3 / 5
15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र देश तो बना, लेकिन गणतंत्र नहीं बना था। संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया, जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ और डॉ. राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति बने। पंडित नेहरू ने 15 अगस्त 1947 को लाल किले पर तिरंगा फहराया था, जो परंपरा आज भी बदस्तूर जारी है। (Img- Pinterest)
4 / 5
1947 की आजादी ब्रिटिश भारत के विभाजन के साथ आई, जिससे भारत और पाकिस्तान दो देश बने। इस विभाजन में इतिहास का सबसे बड़ा विस्थापन हुआ। दोनों देशों के बीच सीमा तय करने वाले सर सिरिल रेडक्लिफ की बनाई रेडक्लिफ रेखा का अंतिम फैसला आजादी के दो दिन बाद यानी 17 अगस्त 1947 को घोषित किया गया था। (Img- Pinterest)
5 / 5
15 अगस्त पर पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश रहता है और मुख्य समारोह नई दिल्ली के लाल किले पर आयोजित होता है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, 15 अगस्त 1947 से काफी पहले, वर्ष 1907 में जर्मनी के स्टटगार्ट में विदेशी धरती पर पहली बार भारतीय झंडा फहराने का गौरव मैडम भीकाजी कामा को प्राप्त हुआ था। (Img- Pinterest)
15 अगस्त 1947 को भारत ब्रिटिश हुकूमत से आजाद हुआ। यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व और देशभक्ति का प्रतीक है, जब पूरे देश में ध्वजारोहण और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं। हालांकि, इस ऐतिहासिक दिन और हमारी आजादी के सफर से जुड़ी कई ऐसी बेहद दिलचस्प बातें हैं, जिन्हें आम तौर पर किताबों में जगह नहीं मिल पाई है। (Img- Pinterest)
आजादी की पूर्व संध्या पर जवाहरलाल नेहरू ने अपना मशहूर भाषण ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ दिया और वे देश के पहले प्रधानमंत्री बने। राष्ट्रीय ध्वज को आजादी से कुछ हफ्ते पहले 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया था। बेहद हैरान करने वाली बात यह है कि महात्मा गांधी दिल्ली के आजादी समारोह में शामिल नहीं थे, वे कलकत्ता में हिंसा रोकने में जुटे थे। (Img- Pinterest)
15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र देश तो बना, लेकिन गणतंत्र नहीं बना था। संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया, जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ और डॉ. राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति बने। पंडित नेहरू ने 15 अगस्त 1947 को लाल किले पर तिरंगा फहराया था, जो परंपरा आज भी बदस्तूर जारी है। (Img- Pinterest)
1947 की आजादी ब्रिटिश भारत के विभाजन के साथ आई, जिससे भारत और पाकिस्तान दो देश बने। इस विभाजन में इतिहास का सबसे बड़ा विस्थापन हुआ। दोनों देशों के बीच सीमा तय करने वाले सर सिरिल रेडक्लिफ की बनाई रेडक्लिफ रेखा का अंतिम फैसला आजादी के दो दिन बाद यानी 17 अगस्त 1947 को घोषित किया गया था। (Img- Pinterest)
15 अगस्त पर पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश रहता है और मुख्य समारोह नई दिल्ली के लाल किले पर आयोजित होता है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, 15 अगस्त 1947 से काफी पहले, वर्ष 1907 में जर्मनी के स्टटगार्ट में विदेशी धरती पर पहली बार भारतीय झंडा फहराने का गौरव मैडम भीकाजी कामा को प्राप्त हुआ था। (Img- Pinterest)