गर्मी में घर बन गया तंदूर? बस दीवारों और छत पर करें ये काम, AC बिना भी रहेगा कमरा कूल!
गर्मियों का मौसम आते ही तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। खासकर सिंगल स्टोरी और गर्म इलाकों में बने घर दिनभर सूरज की तेज किरणों से गर्म हो जाते हैं। घर की दीवारें और छत गर्मी को सोख लेती हैं, जिससे अंदर का तापमान भी काफी बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को घर के अंदर भी राहत नहीं मिलती।
घर को गर्मी से बचाने के लिए दीवारों और छत का इंसुलेशन बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए ग्लास बेस्ड मटेरियल, फोम मटेरियल और ऐश ब्लॉक जैसे विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इन मटेरियल की खासियत यह होती है कि ये सूरज की किरणों को कम सोखते हैं और उन्हें वापस रिफ्लेक्ट कर देते हैं। इससे छत ज्यादा गर्म नहीं होती और घर के अंदर का तापमान नियंत्रित रहता है। यदि इंसुलेशन कराना संभव न हो तो दीवारों को थोड़ा मोटा बनाकर भी गर्मी को अंदर आने से काफी हद तक रोका जा सकता है।(Img: AI Source)
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घर के आसपास पेड़-पौधे लगाने से भी वातावरण ठंडा रहता है। अगर घर में खुली जगह या लॉन है तो वहां पौधे जरूर लगाने चाहिए। यदि जगह कम है तो छोटे गमलों वाले पौधे भी लगाए जा सकते हैं। पेड़-पौधे आसपास के तापमान को कम करने में मदद करते हैं और वातावरण को ठंडा बनाए रखते हैं। हरियाली कार्बन डाइऑक्साइड को कम करके ग्रीनहाउस प्रभाव को भी घटाती है।(Img: AI Source)
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आजकल टेरेस फार्मिंग और ग्रीन वॉल का कॉन्सेप्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लोग अपनी छतों और दीवारों पर पौधे लगा रहे हैं, जिससे घर का तापमान कम रहता है। यदि घर में जगह नहीं है तो मोहल्ले या आसपास के खाली स्थानों पर पौधे लगाने की पहल भी की जा सकती है। इससे पूरे इलाके का वातावरण ठंडा रखने में मदद मिलती है। (Img: AI Source)
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सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखनी चाहिए, ताकि बाहर की गर्म हवा अंदर न आ सके। वहीं शाम के समय खिड़कियां खोल देने से ठंडी हवा घर में प्रवेश करती है और वेंटिलेशन बेहतर होता है। इन उपायों को अपनाकर भीषण गर्मी में भी घर को ठंडा और आरामदायक बनाया जा सकता है। (Img: AI Source)
घर को गर्मी से बचाने के लिए दीवारों और छत का इंसुलेशन बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए ग्लास बेस्ड मटेरियल, फोम मटेरियल और ऐश ब्लॉक जैसे विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इन मटेरियल की खासियत यह होती है कि ये सूरज की किरणों को कम सोखते हैं और उन्हें वापस रिफ्लेक्ट कर देते हैं। इससे छत ज्यादा गर्म नहीं होती और घर के अंदर का तापमान नियंत्रित रहता है। यदि इंसुलेशन कराना संभव न हो तो दीवारों को थोड़ा मोटा बनाकर भी गर्मी को अंदर आने से काफी हद तक रोका जा सकता है।(Img: AI Source)
घर के आसपास पेड़-पौधे लगाने से भी वातावरण ठंडा रहता है। अगर घर में खुली जगह या लॉन है तो वहां पौधे जरूर लगाने चाहिए। यदि जगह कम है तो छोटे गमलों वाले पौधे भी लगाए जा सकते हैं। पेड़-पौधे आसपास के तापमान को कम करने में मदद करते हैं और वातावरण को ठंडा बनाए रखते हैं। हरियाली कार्बन डाइऑक्साइड को कम करके ग्रीनहाउस प्रभाव को भी घटाती है।(Img: AI Source)
आजकल टेरेस फार्मिंग और ग्रीन वॉल का कॉन्सेप्ट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लोग अपनी छतों और दीवारों पर पौधे लगा रहे हैं, जिससे घर का तापमान कम रहता है। यदि घर में जगह नहीं है तो मोहल्ले या आसपास के खाली स्थानों पर पौधे लगाने की पहल भी की जा सकती है। इससे पूरे इलाके का वातावरण ठंडा रखने में मदद मिलती है। (Img: AI Source)
सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखनी चाहिए, ताकि बाहर की गर्म हवा अंदर न आ सके। वहीं शाम के समय खिड़कियां खोल देने से ठंडी हवा घर में प्रवेश करती है और वेंटिलेशन बेहतर होता है। इन उपायों को अपनाकर भीषण गर्मी में भी घर को ठंडा और आरामदायक बनाया जा सकता है। (Img: AI Source)