
मौसम अपडेट (Img: Google)
New Delhi: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जहां एक ओर लोग अपने परिजनों से मिलने के लिए घरों से बाहर निकले, वहीं दिल्ली-एनसीआर में हुई मूसलाधार बारिश ने उनकी राह में कई मुश्किलें खड़ी कर दीं। शनिवार सुबह से जारी बारिश के चलते दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के कई इलाकों में जलभराव हो गया है। इससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है और सड़कों पर भारी जाम लग गया है।
शनिवार सुबह से लगी बारिश की झड़ी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शनिवार को दिल्ली में गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई। विभाग ने न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है। अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
IMD ने यह भी बताया कि दिल्ली में 13 और 14 अगस्त को फिर से अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
एनसीआर में भी दिखा बारिश का असर
नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे एनसीआर क्षेत्रों में भी भारी बारिश के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर नालियों के ओवरफ्लो होने से सड़कें जलमग्न हो गई हैं। ट्रैफिक पुलिस द्वारा यात्रियों से सावधानीपूर्वक यात्रा करने की अपील की गई है, विशेष रूप से रक्षाबंधन के कारण सड़कों पर बढ़ी भीड़ को ध्यान में रखते हुए।
देशभर में मौसम का बदला मिजाज
केवल दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई क्षेत्रों में अगले 24 घंटे में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी वर्षा के आसार बने हुए हैं। इसके चलते कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है।
हिमाचल में भूस्खलन और सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर जारी है। शुक्रवार तक 357 सड़कें भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हो चुकी थीं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, 599 बिजली ट्रांसफॉर्मर काम नहीं कर रहे हैं, जबकि 177 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
बिहार में गंगा और बूढ़ी गंडक का कहर
बिहार में गंगा और बूढ़ी गंडक नदियों के उफान ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। पटना समेत अथमलगोला, मोकामा, बाढ़, दानापुर जैसे इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में घुस चुका है। करीब 89 हजार से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
देश के कई हिस्सों में रक्षाबंधन के दिन बारिश ने राहत के साथ-साथ परेशानी भी दी है। जहां एक ओर तापमान में गिरावट से लोगों को उमस से राहत मिली, वहीं भारी जलभराव, ट्रैफिक और बाढ़ ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग की सलाह के अनुसार, लोगों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
Location : New Delhi
Published : 9 August 2025, 7:30 AM IST