Budget 2026: यूनियन बजट 2026 से सीनियर सिटीजंस को बड़ी राहत? रेलवे टिकट में फिर लौट सकती है 50% तक की छूट

Union Budget 2026 में सीनियर सिटीजंस के लिए बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। रेलवे टिकट में कोरोना से पहले मिलने वाली 40 से 50 प्रतिशत छूट दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। जानिए किसे कितना फायदा मिलेगा।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 31 January 2026, 9:10 AM IST

New Delhi: देश के करोड़ों रेल यात्रियों की नजरें आगामी यूनियन बजट 2026 पर टिकी हुई हैं। हर साल की तरह इस बार भी आम आदमी को उम्मीद है कि बजट में उसकी जेब को राहत देने वाले फैसले लिए जाएंगे। इसी बीच, सीनियर सिटीजंस यानी वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय रेलवे कोरोना काल से पहले मिलने वाली वरिष्ठ नागरिक टिकट रियायत को दोबारा शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। अगर बजट 2026 में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह लाखों बुजुर्ग यात्रियों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं होगा, खासकर उनके लिए जो तीर्थ यात्रा या परिवार से मिलने के लिए लंबी दूरी तय करते हैं।

क्या फिर शुरू होगी रेलवे टिकट में छूट?

मार्च 2020 से पहले तक भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों को टिकट किराए में विशेष छूट देता था। हालांकि, कोविड-19 महामारी के दौरान इसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। अब हालात सामान्य होने के बाद इस मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। खबर है कि वित्त मंत्रालय और रेल मंत्रालय के बीच इस सुविधा को बहाल करने को लेकर बातचीत हो चुकी है।

यदि बजट में हरी झंडी मिलती है, तो 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुष और 58 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं फिर से रियायती दरों पर ट्रेन यात्रा कर सकेंगी। यह छूट स्लीपर से लेकर एसी फर्स्ट क्लास तक सभी श्रेणियों में लागू हो सकती है।

3000 रुपये का टिकट 1500 में?

कोरोना से पहले के नियमों के मुताबिक, 58 साल या उससे अधिक उम्र की महिला यात्रियों को रेलवे टिकट पर 50 प्रतिशत तक की छूट मिलती थी। यानी अगर किसी महिला यात्री का फर्स्ट एसी टिकट 3000 रुपये का है, तो उसे केवल 1500 रुपये ही चुकाने होते थे।

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वहीं, 60 साल या उससे अधिक उम्र के पुरुष यात्रियों को 40 प्रतिशत की छूट दी जाती थी। इस हिसाब से 3000 रुपये के टिकट पर उन्हें 1200 रुपये की राहत मिलती थी और टिकट 1800 रुपये में पड़ता था। अगर यह व्यवस्था वापस आती है, तो बुजुर्गों की यात्रा लागत लगभग आधी हो जाएगी।

कोरोना काल में क्यों बंद हुई थी सुविधा?

साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान सरकार का मुख्य फोकस अनावश्यक यात्राओं को रोकना और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इसी वजह से मार्च 2020 में सीनियर सिटीजन कंसेशन को सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि, रेलवे सेवाएं सामान्य होने के बावजूद यह सुविधा अब तक बहाल नहीं हो पाई थी।

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बिना झंझट मिलता था फायदा

इस छूट की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरल प्रक्रिया थी। यात्रियों को किसी अलग कार्ड या दस्तावेज की जरूरत नहीं होती थी। चाहे टिकट IRCTC वेबसाइट से बुक किया जाए या रेलवे काउंटर से, उम्र दर्ज करते ही किराया अपने आप कम हो जाता था। अब देखना होगा कि यूनियन बजट 2026 में सरकार वरिष्ठ नागरिकों की इस लंबे समय से चली आ रही मांग पर क्या फैसला लेती है।

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Published : 
  • 31 January 2026, 9:10 AM IST