बंगाल की महिला सांसद का गला काटने वाला मामला नोएडा पहुंचा, समाजवादी अधिवक्ता सभा ने कहा- अध्यक्ष के खिलाफ FIR दर्ज करो

ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर में सिकंदराबाद नगर पालिका अध्यक्ष डॉ प्रदीप दीक्षित के कथित बयान से राजनीतिक विवाद भड़क गया है। अधिवक्ताओं ने सांसद सायानी घोष पर टिप्पणी को भड़काऊ बताते हुए सूरजपुर कोतवाली में एफआईआर दर्ज करने और जांच की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 22 May 2026, 10:20 AM IST

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर की राजनीति में इस वक्त हलचल मच गई सिकंदराबाद नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. प्रदीप दीक्षित के एक बयान को लेकर मामला पुलिस तक पहुंच गया। आरोप है कि एक सार्वजनिक सभा के दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस की सांसद Sayani Ghosh का गला काटने वाले को एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया और अब इस पर कानूनी कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

सूरजपुर कोतवाली में दी गई शिकायत

समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव श्याम सिंह भाटी एडवोकेट ने गुरुवार को सूरजपुर कोतवाली पहुंचकर एक प्रार्थना पत्र सौंपा। शिकायत में मांग की गई कि नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर को भी डाक के माध्यम से शिकायत भेजी गई है, जिससे पूरे मामले की उच्च स्तर पर जांच कराई जा सके।

पुलिस में दी गई शिकायत (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)

“भड़काऊ बयान से बिगड़ सकता है माहौल”

श्याम सिंह भाटी एडवोकेट ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंच से दिया गया यह बयान देश और प्रदेश की कानून व्यवस्था, शांति व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला है। उनका कहना है कि किसी महिला सांसद के खिलाफ इस तरह की घोषणा करना न सिर्फ लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है बल्कि इससे समाज में हिंसा और अराजकता का माहौल भी पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान जानबूझकर लोगों को भड़काने और माहौल खराब करने के उद्देश्य से दिए जाते हैं।

एक करोड़ की घोषणा पर उठे काले धन के सवाल

शिकायत में एक और बड़ा आरोप लगाया गया है। श्याम सिंह भाटी ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक रूप से एक करोड़ रुपये देने की घोषणा करना इस बात की ओर इशारा करता है कि उसके पास भारी मात्रा में धन मौजूद है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले में यह भी जांच होनी चाहिए कि आखिर इतनी बड़ी रकम कहां से आई और क्या इसमें किसी तरह का काला धन शामिल है। उन्होंने उच्च स्तरीय वित्तीय जांच की भी मांग उठाई।

अधिवक्ताओं ने दिखाई एकजुटता

इस दौरान कई अधिवक्ता भी मौजूद रहे। मौके पर सत्येंद्र खारी एडवोकेट, अबरार एडवोकेट, फिरोज खान एडवोकेट और नितिन कपासिया एडवोकेट समेत कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने विवादित बयान को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

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Published :  22 May 2026, 10:20 AM IST