दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में लगे भूकंप के झटके, डरे सहमे लोग घरों से निकले बाहर

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार की रात भूकंप के झटके महसूस हुए। इससे लोग डर के घरों के बाहर आ गए। भूकंप के झटके पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भी महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में बताया जा रहा है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 4 April 2026, 12:31 AM IST

New Delhi: दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार की रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इससे लोग डर के घरों के बाहर आ गए। भूकंप के झटके पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भी महसूस किए गए। भूकंप धरती के 175 किलोमीटर की गहराई में आया है। अफगानिस्तान में आए भूकंप से जानमाल की क्षति हुई है। एक घर ढहने से 8 लोगों की मौत की खबर है।

जानकारी के अनुसार दिल्ली-NCR में कई ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने भूकंप के झटकों को साफ महसूस किया। दफ्तरों और घरों में बैठे लोग तुरंत बाहर निकल आए। कुछ जगहों पर लोग पार्क और खुले मैदानों में इकट्ठा हो गए।

भूकंप के झटके कुछ सेकंड तक रहे लेकिन उनकी तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि लोग घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भाग निकले।

Video: AAP और राघव चड्ढा के बीच क्यों बढ़ा सियासी तनाव? जानिए इस रिपोर्ट में

रिक्टर स्केल पर इतनी मापी गई तीव्रता

भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई। तेज झटकों के चलते ही दिल्ली, पंजाब और जम्मू-कश्मीर समेत कई इलाकों में धरती हिली। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में बताया जा रहा है। भूकंप के झटके महसूस होने पर लोग घरों से बाहर निकल आए। गनीमत रही कि भूकंप से कहीं जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।

भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र में बताया जा रहा है। भूकंप के झटके जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, पुंछ और कश्मीर घाटी के कई इलाकों में महसूस किए गए हैं। बताया जा रहा है कि पूरे उत्तर भारत में यह कंपन महसूस की गई है। इसके अलावा पंजाब के पठानकोट में भी भूकंप के झटके लगे हैं।

इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव के बाद कुशीनगर बना वैश्विक बौद्ध पर्यटन का केंद्र, अब आएगा 3 हजार करोड़ रुपये का निवेश!

ऐसी मापी जाती है भूकंप की तीव्रता 

भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

 भूकंप आने का कारण

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 3 April 2026, 10:39 PM IST