100 एकड़ में बनेगा Telangana High Court का नया परिसर, CJI सूर्यकांत ने रखी आधारशिला

भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने हैदराबाद के राजेंद्रनगर में तेलंगाना हाईकोर्ट के नए ‘जोन-द्वितीय’ परिसर की आधारशिला रखी। 2,583 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह परिसर 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 5 April 2026, 9:07 PM IST

New Delhi: भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को तेलंगाना उच्च न्यायालय के ‘जोन-द्वितीय’ परिसर की आधारशिला रखते हुए न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब देश की राज्य सरकारें यह समझने लगी हैं कि न्यायपालिका के ढांचे को मजबूत करना कोई विकल्प नहीं बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता है। हैदराबाद के राजेंद्रनगर में बनने जा रहे इस भव्य परिसर को उन्होंने देश के सर्वश्रेष्ठ न्यायिक परिसरों में से एक बताया।

100 एकड़ में बनेगा नया हाईकोर्ट परिसर

हैदराबाद के राजेंद्रनगर में करीब 100 एकड़ क्षेत्र में तेलंगाना उच्च न्यायालय का नया परिसर विकसित किया जा रहा है। आधारशिला कार्यक्रम के दौरान सीजेआई ने परिसर के मॉडल का अवलोकन किया और इसके आधुनिक स्वरूप की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायपालिका की संस्थागत मजबूती और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

न्यायपालिका की स्वतंत्रता से जुड़ा है ढांचा

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि जब न्यायालय बिखरे हुए या भीड़भाड़ वाले भवनों में संचालित होते हैं तो उनकी कार्यप्रणाली और स्वतंत्रता पर व्यावहारिक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा, “जब न्यायपालिका अपने स्वयं के संसाधनों और परिसर में काम करती है, तभी वह सही मायने में स्वतंत्र महसूस करती है।” उन्होंने इस नए परिसर को ‘संस्थागत आत्मनिर्भरता’ का प्रतीक बताया।

ऑडिटोरियम और रिकॉर्ड रूम की सराहना

कार्यक्रम के दौरान सीजेआई ने परिसर में बनाए जाने वाले ऑडिटोरियम और सेंट्रल रिकॉर्ड रूम की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऑडिटोरियम का उपयोग न्यायिक प्रशिक्षण और कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा। वहीं सेंट्रल रिकॉर्ड रूम न्यायिक मिसालों और दस्तावेजों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगा, जिससे न्यायिक फैसलों की निरंतरता मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि जो न्यायपालिका सीखना बंद कर देती है, उसका विकास भी रुक जाता है।

2,583 करोड़ की परियोजना, 2027 तक लक्ष्य

तेलंगाना सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 2,583 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कार्यक्रम में भरोसा दिलाया कि यह परिसर अगले दो वर्षों में, यानी दिसंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। योजना के तहत जोन-प्रथम में मुख्य न्यायालय परिसर और प्रशासनिक कार्यालय बनाए जाएंगे, जबकि लगभग 60 एकड़ में फैले जोन-द्वितीय में न्यायाधीशों के आवास, ऑडिटोरियम और रिकॉर्ड रूम जैसी सुविधाएं होंगी।

न्यायिक ढांचे पर सकारात्मक पहल

सीजेआई ने कहा कि देशभर में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक पहल देखने को मिल रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश और असम जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे को लेकर अब व्यापक स्तर पर काम हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नया परिसर अगले 100 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर और सतत बुनियादी ढांचे के सिद्धांतों पर डिजाइन किया गया है।

कई न्यायाधीश रहे मौजूद

इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा, उज्जल भुइयां, एस.वी. भट्टी और आलोक अराधे समेत कई वरिष्ठ न्यायाधीश मौजूद रहे। साथ ही तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अपारेश कुमार सिंह ने भी कार्यक्रम में अपने विचार साझा किए।

 

 

Location :  New Delhi

Published :  5 April 2026, 9:07 PM IST