सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ा बवाल और हंगामा, CJI को अपशब्द, कोर्ट रूम में उछाले कागज; आरोपी अरेस्ट

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार एक मामले में सुनवाई के दौरान भारी हंगामा और बवाल हुआ। सीजेआई को भी अपशब्द कहे गये और कागज उछाले गये। आरोपी वकील को सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल मौके पर ही दबोच लिया।

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 10 July 2026, 5:33 PM IST

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट अक्सर अपने ऐतिहासिक फैसलों के कारण आए दिन सुर्खियों में रहता है लेकिन शुक्रवार को देश की शीर्ष अदालत में एक अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया। एक केस की सुनवाई के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश की अदालत में भारी हंगामा और बवाल हुआ। सीजेआई को भी अपशब्द कहे गये और कागज उछाले गये। हालांकि यह घटना सीजेआई के कोर्ट रुम में नहीं हुई।

कोर्ट रूम में मर्यादा तार-तार

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक शख्स खुद अपना केस लड़ रहा था। जस्टिस के वी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच में मामले की सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता वकील अपना आपा खो बैठा और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को अपशब्द कहने लगा। आरोपी की पहचान  प्रबल प्रताप के रूप में हुई। आरोपी ने कोर्टरूम में जजों के सामने कागज उछाले और डबल बेंच की तरफ कागज फेंके।

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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सुप्रीम कोर्ट में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सुनवाई के दौरान आरोपी को कागज उछालते देखा जा सकता है। आरोपी को तत्काल कोर्ट रूम में मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर ही दबोच लिया। घटना जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुई। याचिकाकर्ता की पहचान प्रबल प्रताप के रूप में हुई।

क्या कहा था याचिकाकर्ता ने?

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने लखनऊ के एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। उसने जजों से बात करते हुए गलत तरीके से आदेश देने की कोशिश की। जब अदालत ने इस पर सवाल उठाया, तो उसने मुख्य न्यायाधीश के लिए आपत्तिजनक शब्द कहे और गुस्से में कागज हवा में उछाल दिए।

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याचिका भी हुई खारिज

यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश से जुड़ा था। हाई कोर्ट ने पहले ही कहा था कि याचिकाकर्ता के पास दूसरे कानूनी विकल्प मौजूद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी रिकॉर्ड देखने के बाद माना कि हाई कोर्ट के फैसले में दखल देने की कोई जरूरत नहीं है। इसके बाद अदालत ने स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) खारिज कर दी और मामले का निपटारा कर दिया।

Location :  New Delhi

Published :  10 July 2026, 5:04 PM IST