
सुप्रीम कोर्ट (Image Source: Google)
New Delhi: पश्चिम बंगाल की चुनावी प्रक्रिया से जुड़े एक अहम मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर दाखिल कई याचिकाओं पर विचार किया जाएगा। यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जायमाल्या बागची की पीठ द्वारा की जाएगी।
दरअसल, कुछ याचिकाओं में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को स्थगित करने के फैसले को चुनौती दी गई है। अदालत ने 10 अप्रैल को इस मामले पर सुनवाई के लिए 13 अप्रैल की तारीख तय की थी। अब इस सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसका सीधा असर आगामी विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है।
इस बीच भारत निर्वाचन आयोग ने 9 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के लिए मतदाता सूची को अंतिम रूप दे दिया है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होने जा रहे हैं, पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
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मतदाता सूची के स्थगन का मतलब यह है कि अब इस चुनाव के लिए किसी नए मतदाता का नाम सूची में जोड़ा नहीं जा सकता। यही कारण है कि इस मुद्दे को लेकर विवाद और बढ़ गया है, क्योंकि कुछ याचिकाकर्ताओं का मानना है कि इससे कई लोगों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
आज की सुनवाई में सिर्फ मतदाता सूची ही नहीं, बल्कि मालदा जिले में हुए एक विवादित मामले पर भी चर्चा होगी। दरअसल, SIR प्रक्रिया के दौरान सात न्यायिक अधिकारियों के ‘घेराव’ की घटना सामने आई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था।
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सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपने का आदेश दिया है। इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और भी संवेदनशील बना दिया है।
अब यह देखना अहम होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या कोई ऐसा निर्देश देता है, जिससे चुनावी प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिले।
Location : New Delhi
Published : 13 April 2026, 6:44 AM IST
Topics : Bengal Voter list Election Commission Malda Judicial Officers Supreme Court West Bengal Elections