नई दिल्ली स्थित डाइनामाइट न्यूज़ मुख्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरुओं और विशेषज्ञों ने युवा पत्रकारों को शांति, सह-अस्तित्व, मेहनत और विनम्रता का संदेश दिया। डिक्लेरेशन ऑफ कॉन्शियसनेस मूवमेंट के फाउंडर अधिपन बोस नंधी ने कहा कि विश्व शांति के लिए आपसी विश्वास बेहद जरूरी है।

आध्यात्मिक गुरु अधिपन बोस नंधीजी पहुंचे डाइनामाइट न्यूज़ मुख्यालय
New Delhi: नई दिल्ली में डाइनामाइट न्यूज़ मुख्यालय में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु अधिपन बोस नंधीजी ने युवा पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर जीवन और दुनिया में शांति चाहिए तो लोगों को आपसी सामंजस्य के साथ मिल-जुलकर रहना होगा। उन्होंने कहा कि सह-अस्तित्व का आधार विश्वास है और बिना विश्वास के शांति की कल्पना अधूरी है।
उन्होंने बताया कि भारत की आध्यात्मिक विरासत पूरे विश्व को दिशा दे सकती है और इसी सोच के साथ उन्होंने एक भारतीय सुपरऐप भी लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य शांति और जागरूकता का संदेश फैलाना है।
युवाओं को मेहनत और अनुशासन का मंत्र
कार्यक्रम में राजाराम महादेव देशमुख ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो युवा जितना अधिक काम करेगा, वह उतनी ही तरक्की करेगा। सफल लोगों की दिनचर्या का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वे रोज 15-16 घंटे तक मेहनत करते हैं।
“विनम्रता ही असली विद्या”
वहीं के एन नागा राजन ने कहा कि सच्ची शिक्षा वही है, जो व्यक्ति को विनम्र बनाती है। उन्होंने कहा कि जब इंसान विनम्र होता है, तभी वह जीवन में आगे बढ़ता है और उसे ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।
पत्रकारिता का सामाजिक दायित्व
डाइनामाइट न्यूज़ के सीनियर कंसल्टिंग एडिटर वेद प्रकाश ने कहा कि मीडिया का काम सिर्फ खबर दिखाना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों की आवाज बनना भी है। उन्होंने बताया कि डाइनामाइट न्यूज़ लगातार खोजी पत्रकारिता के जरिए गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने का प्रयास करता है।
कार्यक्रम में हुआ अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम के दौरान डाइनामाइट न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ मनोज टिबड़ेवाल आकाश ने सभी अतिथियों का परिचय कराया, जबकि एग्जीक्यूटिव एडिटर सुभाष रतूड़ी ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर वक्ताओं ने डाइनामाइट न्यूज़ को देश का भरोसेमंद मीडिया प्लेटफॉर्म बताते हुए उसकी सराहना भी की।