
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Img: X)
New Delhi: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसी घटनाक्रम के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन से कहा कि उनकी तबीयत ठीक है और उन्हें संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था, युवाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों से जुड़ा है तथा वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात संसद तक पहुंचाना चाहते हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सोनम वांगचुक के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारी जब संसद की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने लाठियों का इस्तेमाल किया। कई प्रदर्शनकारियों को मौके पर ही रोक लिया गया।
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि संसद मार्च के लिए किसी भी संगठन को अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली क्षेत्र में बीएनएस की धारा 163 लागू है और जंतर-मंतर को छोड़कर किसी अन्य स्थान पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। वहीं प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रहा है। ऐसे में संसद के मानसून सत्र के पहले दिन यह प्रदर्शन राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
Location : New Delhi
Published : 20 July 2026, 12:32 PM IST
Topics : Delhi Protest Parliament March Sonam Wangchuk