
हाईटेक हुआ श्रावणी मेला (Img: Dynamite News)
Deoghar: विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में लगने वाले राजकीय श्रावणी मेला-2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियों की रफ्तार तेज कर दी है। इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
एक ओर जहां पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और स्मार्ट क्राउड मैनेजमेंट को व्यवस्था का हिस्सा बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर स्वयं कांवरिया पथ और मेला क्षेत्र में उतरकर तैयारियों की जमीनी हकीकत का जायजा लेते नजर आए।
श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को देखते हुए प्रशासन किसी भी स्तर पर चूक नहीं चाहता। यही वजह है कि इस बार हर व्यवस्था को तकनीक और सतत निगरानी से जोड़ने की तैयारी की गई है।
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श्रावणी मेले से पहले पुलिस अधीक्षक ने कांवरिया पथ, शिवराम झा चौक, दुम्मा क्षेत्र, मेला परिसर और पुलिस आवासन स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा, यातायात, बैरिकेडिंग, पुलिस बल की तैनाती, आवासन, पेयजल, साफ-सफाई तथा ड्यूटी व्यवस्था का विस्तार से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही या समन्वय की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने और हर परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया गया।
इस बार मेले की सबसे बड़ी खासियत आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग होगा। प्रशासन पहली बार AI आधारित निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल करेगा, जिससे असामान्य गतिविधियों और भीड़ के दबाव का समय रहते आकलन किया जा सकेगा। इसके अलावा -
प्रशासन का मानना है कि तकनीक के प्रयोग से आपात स्थिति में निर्णय लेने की गति और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेंगी।
श्रावणी मेला अवधि के दौरान विभिन्न जिलों से 430 मजिस्ट्रेटों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इनकी तैनाती मंदिर परिसर, कांवरिया पथ, प्रमुख चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पार्किंग स्थल तथा संवेदनशील स्थानों पर रहेगी।
इन अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं होगी, बल्कि भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, यातायात संचालन, श्रद्धालुओं की सुविधा और प्रशासनिक समन्वय पर भी विशेष नजर रहेगी।
श्रावणी मेले के दौरान पुलिस बल की तैनाती चौबीसों घंटे रहेगी। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, क्विक रिस्पांस टीम और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है।
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हर वर्ष लाखों शिवभक्त सुल्तानगंज से जल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। इस वर्ष प्रशासन की रणनीति साफ दिखाई दे रही है मानवीय सतर्कता और आधुनिक तकनीक का समन्वय।
प्रशासन की तैयारियां यह संकेत दे रही हैं कि इस बार श्रावणी मेला केवल परंपराओं का नहीं, बल्कि स्मार्ट मैनेजमेंट और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था का भी उदाहरण बनने जा रहा है। पुलिस प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक हर विभाग अंतिम तैयारियों में जुटा है ताकि बाबा नगरी आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और सहज वातावरण मिल सके। अगर सभी तैयारियां तय योजना के अनुरूप धरातल पर उतरती हैं, तो श्रावणी मेला-2026 सुरक्षा और प्रबंधन के नए मानक स्थापित कर सकता है।
Location : Deoghar
Published : 10 July 2026, 11:52 AM IST