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इस बार प्रशासन एक नई अवधारणा पर काम कर रहा है, जिसे विशेषज्ञ “कल्चरल मोशन मैपिंग सिस्टम” कह रहे हैं। इसके तहत कांवरिया पथ पर लगाए गए सांस्कृतिक मंचों की लोकेशन को भीड़ के मूवमेंट डेटा के साथ जोड़ा जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की थकान और भीड़ ज्यादा है।
Published : 17 June 2026, 3:48 PM IST