
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में फंसे लोगों को बचाने के दौरान NDRF की कार्रवाई (Image: Social Media)
New Delhi: दिल्ली के सत्य निकेतन हॉस्टल हादसे में 7 छात्रों की मौत के बाद अब जिम्मेदारी तय करने की कवायद शुरू हो गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि हादसे के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) दोनों जिम्मेदार हैं। अदालत ने कहा कि बाहर से पढ़ाई करने आने वाले छात्रों के लिए बने हॉस्टलों की हालत बेहद खराब है और सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी करते हुए 10 दिनों के अंदर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। हॉस्टलों में रहने वाले युवा बेहतर सुविधाओं और सुरक्षित माहौल के हकदार हैं। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर इतनी पुरानी और कमजोर इमारत में छात्रों को रहने की अनुमति कैसे दी गई? कोर्ट की टिप्पणी के बाद अब कई विभागों की भूमिका जांच के घेरे में आ गई है।
वहीं इस मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हॉस्टल मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ पहले ही लुकआउट नोटिस जारी किया था। पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को भी गिरफ्तार किया है।
सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ था। दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित यह हॉस्टल 5 मंजिला इमारत में चल रहा था। बताया जा रहा है कि यह बिल्डिंग करीब 40 साल पुरानी थी। हादसे के बाद रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ और सोमवार शाम 4:30 बजे तक चला। करीब 27 घंटे की मशक्कत के बाद राहत और बचाव अभियान पूरा हुआ। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इनमें 5 लोगों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
हैरानी की बात यह है कि जिस इमारत में यह हादसा हुआ, उसे दिल्ली नगर निगम के रिकॉर्ड में खतरनाक घोषित नहीं किया गया था। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी पुरानी इमारत में हॉस्टल संचालन की अनुमति कैसे मिली। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब जांच का दायरा बढ़ गया है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि इस हादसे के लिए किस विभाग की लापरवाही कितनी जिम्मेदार थी।
Location : New Delhi
Published : 7 September 2026, 8:14 PM IST