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राहुल गांधी और अमित शाह मामले पर सुनवाई (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Sultanpur: सुलतानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले की सुनवाई शुक्रवार को पूरी हो गई। अदालत में लगातार तीन दिनों तक चली लंबी मैराथन बहस के बाद, मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई के लिए सोमवार की तारीख निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के बचाव पक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नेता का इरादा किसी की मानहानि करने का बिल्कुल नहीं था।
राहुल गांधी की तरफ से पैरवी कर रहे वकील केपी शुक्ल ने अदालत में जोरदार दलीलें पेश करते हुए कहा कि उनके मु मुवक्किल पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के मूल बयान को दुर्भावनापूर्ण तरीके से तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। बचाव पक्ष ने कोर्ट के सामने मुख्य रूप से चार बड़े प्वाइंट रखे-
क्षेत्राधिकार का अभाव: यह विवादित प्रेस कॉन्फ्रेंस बेंगलुरु में हुई थी, इसलिए सुलतानपुर की अदालत के पास इस मामले की सुनवाई करने का कानूनी क्षेत्राधिकार नहीं बनता है।
याचिका की वैधता पर सवाल: इस मामले के याचिकाकर्ता विजय मिश्र खुद पीड़ित पक्ष नहीं हैं और न ही उनके खिलाफ किसी प्रकार की कोई टिप्पणी की गई थी।
डिजिटल साक्ष्यों की सत्यता: मामले में पेश की गई सीडी या कैसेट किस दुकान से तैयार कराई गई, इसका कोई सत्यापन नहीं है। इसके साथ ही, इसके साथ छेड़छाड़ न होने की भी कोई प्रमाणिकता नहीं है।
राजनीतिक द्वेष: भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि राहुल गांधी की बढ़ती राजनीतिक साख से घबराकर उनकी छवि को धूमिल करने की नीयत से यह मुकदमा दर्ज कराया गया है।
दूसरी ओर, याची पक्ष के वकील संतोष पांडे ने अदालत में अपने तर्कों को मजबूती से रखते हुए दावा किया कि राहुल गांधी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त और पुख्ता सबूत मौजूद हैं। याची पक्ष का कहना है कि मुख्य शिकायतकर्ता विजय मिश्र की गवाही का समर्थन अन्य गवाहों, जैसे अनिल और रामचंद्र ने भी किया है। इसके अलावा, याची पक्ष ने यह भी रेखांकित किया कि राहुल गांधी ने कोर्ट में दिए गए अपने बयान में प्रेस कॉन्फ्रेंस के पूरे वक्तव्य से इनकार नहीं किया है।
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इस पूरे कानूनी विवाद की शुरुआत 4 अगस्त 2018 को हुई थी, जब कोतवाली देहात क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। एमपी-एमएलए विशेष अदालत के गठन के बाद इस मामले की कानूनी प्रक्रिया में तेजी आई। अदालत द्वारा जारी किए गए समन के पालन में राहुल गांधी ने गत 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जहां से उन्हें जमानत मिल गई थी। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में सोमवार को होने वाली अगली सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
Location : Sultanpur
Published : 10 October 2026, 3:52 PM IST