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रेलवे पेंशनर्स को WhatsApp से मिलेगी राहत(सोर्स- Pinterest)
Prayagraj: रेलवे के पेंशनभोगियों और यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने पेंशन से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन भेजने की सुविधा शुरू करने की व्यवस्था की है। इससे सेवानिवृत्त रेलकर्मियों और दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके साथ ही ट्रेनों में साफ-सफाई और यात्रियों को साफ चादर-कंबल उपलब्ध कराने के लिए भी नई व्यवस्था की तैयारी की गई है।
उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल की ओर से पेंशन से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए यह पहल की गई है। इसके तहत पेंशनभोगी और दिवंगत रेलकर्मियों के आश्रित अपने आवेदन और जरूरी दस्तावेज व्हाट्सएप के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। इससे शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया आसान होने और समय की बचत होने की उम्मीद है।
रेलवे मंडल की ओर से 15 दिसंबर 2026 को मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय में सुबह 11:30 बजे से पेंशन अदालत आयोजित की जाएगी। पेंशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए इच्छुक पेंशनभोगी और उनके परिजन अपने आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज स्पष्ट रूप से स्कैन करके व्हाट्सएप नंबर 7979991479 पर भेज सकते हैं। आवेदन पर ‘पेंशन अदालत दिसंबर-2026’ स्पष्ट रूप से लिखना जरूरी है, ताकि आवेदन की पहचान करने और उसे संबंधित प्रक्रिया में शामिल करने में आसानी हो सके।
जो पेंशनभोगी डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, उनके लिए दूसरे विकल्प भी उपलब्ध हैं। ऐसे लोग अपनी शिकायत और संबंधित दस्तावेज ई-मेल आईडी aks1986@yahoo.com पर भेज सकते हैं। इसके अलावा, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी के आधिकारिक पते पर डाक के माध्यम से भी आवेदन भेजा जा सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य पेंशन से जुड़ी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना और उनके समाधान की प्रक्रिया को आसान बनाना है। आवेदन भेजते समय सभी जरूरी दस्तावेज स्पष्ट और पूरे होने चाहिए, ताकि शिकायत पर कार्रवाई करने में परेशानी न हो।
रेलवे यात्रियों को सफर के दौरान गंदे डिब्बों, बदबूदार शौचालयों और गंदे या देर से मिलने वाले चादर-कंबल की समस्या से राहत देने के लिए भी प्रयागराज मंडल ने नई व्यवस्था तैयार की है। इसके तहत ट्रेनों में नियमित सफाई और एसी कोच में साफ-सुथरा लिनेन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, ट्रेनों के शुरुआती स्टेशन से अंतिम स्टेशन तक सफाईकर्मियों की टीम तैनात रहेगी। यह टीम हर दो घंटे पर शौचालयों की धुलाई और सैनिटाइजेशन करेगी। इसका उद्देश्य लंबे सफर के दौरान भी कोच और शौचालयों को साफ रखना है।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने 45.62 करोड़ रुपये की लागत से दो साल यानी 730 दिनों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत ट्रेनों में सफाई की जिम्मेदारी संभालने वाली टीम यात्रा के दौरान नियमित रूप से शौचालयों की सफाई और सैनिटाइजेशन करेगी। अगर किसी कोच में गंदगी मिलती है, तो यात्री रेल मदद ऐप या ड्यूटी पर मौजूद रेलवे कर्मचारी के माध्यम से शिकायत कर सकेंगे। शिकायत मिलने पर संबंधित कोच की सफाई कराई जाएगी। इससे यात्रियों को सफर के दौरान साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत एसी कोच में यात्रियों को साफ, सैनिटाइज्ड और सीलबंद लिनेन सेट उपलब्ध कराने की योजना है। इस सेट में चादर, तकिया और कंबल शामिल होंगे। इसका उद्देश्य यात्रियों को साफ-सुथरा बिस्तर उपलब्ध कराना और लिनेन की स्वच्छता को बेहतर बनाना है। यात्रियों को सफर के दौरान साफ बिस्तर मिलने से सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, इस व्यवस्था का वास्तविक लाभ इसके लागू होने और नियमित निगरानी पर निर्भर करेगा।
प्रयागराज मंडल की इस प्रस्तावित सफाई व्यवस्था के पहले चरण में पांच ट्रेनों को शामिल किया गया है। इनमें कालिंदी एक्सप्रेस, प्रयागराज-डॉ. आंबेडकर नगर एक्सप्रेस, सूबेदारगंज-श्री माता वैष्णो देवी जम्मू मेल, प्रयागराज-लालगढ़ एक्सप्रेस और सूबेदारगंज-देहरादून एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों में व्यवस्था लागू होने के बाद सफाई और लिनेन की उपलब्धता पर ध्यान दिया जाएगा। रेलवे की इस पहल से पेंशनभोगियों के लिए शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया आसान होने के साथ यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
Location : Prayagraj
Published : 23 October 2026, 5:16 PM IST