बंद कार, खुली कूटनीति: 12 दिनों में दूसरी बार पुतिन के साथ एक ही गाड़ी में दिखे पीएम मोदी, समझिए क्या है कार डिप्लोमेसी

दिल्ली में BRICS समिट के दौरान पीएम मोदी और पुतिन एक ही कार में सवार होकर निकले। 12 दिनों में यह दूसरा मौका है। जानिए 2014 से अब तक ओबामा, मैक्रों समेत 11 वैश्विक नेताओं के साथ पीएम मोदी की 'कार डिप्लोमेसी' का अनूठा कूटनीतिक अंदाज।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 September 2026, 10:18 AM IST

New Delhi: वैश्विक राजनीति में जब दो बड़े देश मिलते हैं, तो केवल मेज पर कागजात नहीं बदले जाते, बल्कि निजी रिश्तों की गर्माहट भी नए समीकरण तय करती है। नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के बीच एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'कार डिप्लोमेसी' का अनोखा अंदाज दुनिया के सामने आया।

द्विपक्षीय बैठक खत्म होने के बाद पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत मंडपम में आयोजित 'इनोप्रोम' प्रदर्शनी के लिए एक ही आर्मर्ड ऑरस लिमोज़िन कार में सवार होकर निकले।

12 दिनों में दूसरी बार दिखा यह अनूठा नजारा

हैरानी की बात यह है कि बीते 12 दिनों के भीतर यह दूसरा मौका है जब मोदी और पुतिन ने एक साथ गाड़ी शेयर की है। इससे पहले भी एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन ने अपनी बुलेटप्रूफ कार में पीएम मोदी को साथ सफर करने का न्योता दिया था। एक साल के अंदर चार बार ऐसा हुआ है जब दोनों नेताओं ने बंद गाड़ी के अंदर बिना किसी प्रशासनिक लवाजमे या औपचारिक भाषा के आमने-सामने बातचीत की।

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2014 से अब तक 11 दिग्गज नेताओं संग 'कारपूलिंग'

पीएम मोदी का यह अनौपचारिक अंदाज सिर्फ पुतिन तक सीमित नहीं है। साल 2014 से अब तक वे दुनिया के 11 से ज्यादा शीर्ष राष्ट्राध्यक्षों के साथ कार शेयर कर चुके हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की प्रसिद्ध गाड़ी 'द बीस्ट' में सफर हो, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ की यात्रा हो, इजराइल के पीएम नेतन्याहू, ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर या इथियोपिया के प्रधानमंत्री का खुद कार चलाकर मोदी को ले जाना हो पीएम मोदी ने हर जगह कूटनीतिक औपचारिकताएं तोड़कर रिश्ते मजबूत किए हैं।

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बिना स्क्रिप्ट के अनौपचारिक बातचीत का बड़ा मंच

कूटनीति के विशेषज्ञों की मानें तो चारदीवारी और प्रतिनिधिमंडलों के बीच होने वाली औपचारिक बैठकों की एक सीमा होती है। इसके विपरीत, एक ही कार में बैठकर सफर करने से दोनों नेताओं को बिना किसी रेड-टेप या अनुवादक के सीधा संवाद (Unscripted Conversation) करने का मौका मिलता है। कार का यह छोटा सा दायरा दुनिया के बड़े-बड़े मुद्दों पर फैसले लेने की राह आसान बना देता है।

Location :  New Delhi

Published :  12 September 2026, 10:18 AM IST