दशहरा पर PM मोदी ने गिनाए देश के 3 दुश्मन, बोले- एकजुट होकर करना होगा मुकाबला

दिल्ली में दशहरा समारोह के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के सामने मौजूद तीन चुनौतियों का जिक्र किया। जानिए राम राज्य, राष्ट्रीय एकता और आत्मनिर्भर भारत पर उन्होंने क्या संदेश दिया...

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 October 2026, 7:21 PM IST

New Delhi: दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित डीडीए उत्सव ग्राउंड में विजयादशमी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रावण दहन किया और देशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं दी। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने देश के सामने मौजूद तीन बड़ी चुनौतियों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने देश के मान-सम्मान को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों, समाज में फूट डालने वाली सोच और भारतीय संस्कृति से नफरत करने वाली मानसिकता को ऐसी चुनौतियां बताया, जिनका मुकाबला एकजुट होकर करना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। यह पर्व भगवान राम के आदर्शों को याद करने और उनके बताए रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने जोर दिया कि देश की एकता, संस्कृति और मान-सम्मान की रक्षा के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।

पीएम मोदी ने देश के सामने रखीं ये तीन चुनौतियां

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ऐसी ताकतों से सतर्क रहने का संदेश दिया, जो देश के मान-सम्मान को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने समाज में आपसी फूट पैदा करने वाले लोगों और भारतीय संस्कृति से नफरत करने वाली सोच को भी गंभीर चुनौती के रूप में रेखांकित किया। पीएम मोदी के संदेश का जोर इस बात पर रहा कि देश की एकता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। विजयादशमी का पर्व भी बुराई के खिलाफ खड़े होने, सही रास्ते पर चलने और अन्याय का विरोध करने की प्रेरणा देता है।

राम राज्य का जिक्र, न्याय और समान अवसर पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में राम राज्य की अवधारणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने राम राज्य को ऐसे शासन के रूप में प्रस्तुत किया, जहां किसी के साथ भेदभाव न हो, हर व्यक्ति को न्याय मिले और सभी को आगे बढ़ने का समान अवसर प्राप्त हो। उन्होंने गरीबों और वंचितों की सेवा को भी महत्वपूर्ण बताया। पीएम मोदी के संदेश के मुताबिक, सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि उन लोगों की मदद की जाए, जिन्हें आगे बढ़ने के लिए सहयोग की जरूरत है। भगवान राम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए उन्होंने जनकल्याण, न्याय और समानता के महत्व को रेखांकित किया।

आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने का संदेश

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के सामर्थ्य और संसाधनों पर भरोसा करने की जरूरत बताई। उन्होंने मेहनत के साथ जनभागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। पीएम मोदी के मुताबिक, जब देश के लोग किसी साझा लक्ष्य के लिए मिलकर काम करते हैं, तो बड़ी चुनौतियों का सामना करना आसान हो जाता है। विजयादशमी का संदेश भी साहस, सही सोच और एकजुटता के साथ बुराई पर विजय हासिल करने का है। दशहरा समारोह में प्रधानमंत्री का संदेश देश की एकता, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सद्भाव और सामूहिक प्रयासों पर केंद्रित रहा। राम राज्य की अवधारणा से लेकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य तक, उन्होंने देशवासियों से मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

Location :  New Delhi

Published :  20 October 2026, 7:21 PM IST