Nepal Flood: बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़ से तबाही, 40 घर और 6 पुल बहे; 150 से ज्यादा पर्यटक फंसे

नेपाल के मनासलू ट्रेकिंग क्षेत्र में बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ से करीब 40 घर और छह पुल बह गए हैं। 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि 150 से अधिक विदेशी पर्यटक फंस गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 October 2026, 9:53 AM IST

Kathmandu: नेपाल के मनासलू ट्रेकिंग क्षेत्र में बूढ़ी गंडकी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। रविवार तड़के आई बाढ़ में करीब 40 घर और छह पुल बह गए, जबकि 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं। ट्रेकिंग सीजन के दौरान आई इस प्राकृतिक आपदा के कारण 150 से अधिक विदेशी पर्यटक भी रास्ते में फंस गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है। अब सबकी नजर फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की तलाश पर है।

बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़ से भारी नुकसान

नेपाल के मनासलू ट्रेकिंग क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ ने स्थानीय जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। नदी के उफान के कारण करीब 40 घर और छह पुल बह गए। इसके अलावा पनबिजली से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों में आवागमन बाधित हो गया है। पुलों के बहने से रास्ते टूट गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।

10 लोग लापता, तलाश अभियान जारी

इस प्राकृतिक आपदा के बाद 10 लोगों के लापता होने की सूचना है। हालांकि, लापता लोगों की तलाश और उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं।

बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन भी महत्वपूर्ण है। घरों और पुलों के बहने से प्रभावित लोगों के सामने सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने और जरूरी सुविधाएं हासिल करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

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150 से ज्यादा विदेशी पर्यटक फंसे

मनासलू क्षेत्र में ट्रेकिंग के लिए पहुंचे 150 से अधिक विदेशी पर्यटक बाढ़ के कारण रास्तों में फंस गए हैं। ट्रेकिंग सीजन होने के चलते इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटकों की मौजूदगी बताई जा रही है।

पुलों और रास्तों को नुकसान पहुंचने के कारण पर्यटकों की सुरक्षित आवाजाही बड़ी चुनौती बन गई है। ऐसे में राहत दलों के सामने फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर निकालने की चुनौती है।

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SMS अलर्ट से कई लोगों को मिला बचाव का मौका

रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ की आशंका को लेकर समय रहते SMS अलर्ट भेजे गए थे। इसके बाद कई स्थानीय लोग सुरक्षित रहने के लिए ऊंचे इलाकों की ओर चले गए। इससे संभावित जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलने की बात कही गई है।

फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान जारी है। आने वाले समय में नुकसान की वास्तविक स्थिति और लापता लोगों के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

Location :  Nepal

Published :  12 October 2026, 9:53 AM IST