Nepal Flood 2026: गोरखा में अचानक कैसे आई जलप्रलय? 35 मकान बहे, कई पुल टूटे; गांवों पर मंडराया खतरा

नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से भारी नुकसान की खबर है। पायू और बगर गांवों में 35 से अधिक मकान बहने तथा कई पुल क्षतिग्रस्त होने की जानकारी है। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है और राहत-बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 October 2026, 11:28 AM IST

New Delhi: नेपाल के गोरखा जिले में 11 अक्टूबर 2026 की सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से भारी नुकसान होने की खबर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के लोक्पा क्षेत्र में भूस्खलन के कारण नदी का बहाव बाधित हुआ था। इसके बाद पानी का दबाव बढ़ने और अवरोध टूटने से निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई। इस घटना में कई मकान और पुल बहने की सूचना है, जबकि आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बना हुआ है।

35 से अधिक मकान बहे, बुनियादी ढांचे को नुकसान

बताया गया है कि बाढ़ से पायू और बगर गांवों में 35 से अधिक मकान पूरी तरह बह गए। एक जलविद्युत परियोजना का कर्मचारी शिविर भी इसकी चपेट में आ गया। नदी के तेज बहाव ने स्थानीय संपर्क व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।

जानकारी के अनुसार, तीन प्रमुख पुल बह गए या क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें सोती में वार्ड 2 और 3 को जोड़ने वाला स्टील ब्रिज और मचहाखोला को केराउजा से जोड़ने वाला सस्पेंशन फुटब्रिज शामिल हैं। कई स्थानों पर सड़क संपर्क टूटने से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।

कई गांवों में खतरा, घरों को खाली करने की अपील

दोभान, घाटेखोला, जगत और सल्लेरी समेत कई इलाकों में नुकसान की सूचना है। सल्लेरी में करीब 20 से 22 मकानों पर गंभीर खतरा मंडराने की बात कही गई है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत है।

प्रारंभिक जानकारी में अब तक किसी की मौत या मानवीय क्षति की पुष्टि नहीं होने की बात कही गई है। बताया गया है कि नदी का जलस्तर सुबह करीब चार बजे बढ़ना शुरू हुआ, जिससे कुछ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का समय मिल गया।

CJP Protest: अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत, कोर्ट ने दिया रिहाई का आदेश

प्रशासन का अलर्ट, राहत और बचाव अभियान जारी

प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) और स्थानीय प्रशासन ने बूढ़ी गंडकी तथा त्रिशूली नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। खोर्लाबेशी, मचहाखोला, सोती, अर्खेत और अरुघाट जैसे निचले क्षेत्रों के निवासियों से ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।

बताया गया है कि नेपाली सेना और नेपाल पुलिस की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रशासन के सामने लोगों को सुरक्षित निकालने, प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने और टूटे संपर्क मार्गों के कारण पैदा हुई मुश्किलों से निपटने की चुनौती है।

भूस्खलन बना अचानक बाढ़ की वजह?

प्रारंभिक विवरण के मुताबिक, लोक्पा क्षेत्र में भूस्खलन के कारण नदी का बहाव रुकने से पानी जमा हो गया था। अवरोध टूटने के बाद पानी तेजी से नीचे की ओर बहा और बस्तियों तथा पुलों को नुकसान पहुंचा। हालांकि, घटना के कारणों और नुकसान के अंतिम आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

Location :  New Delhi

Published :  11 October 2026, 11:28 AM IST