
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन शुरू (फोटो: AI, Instagram)
New Delhi: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन रविवार को और तेज हो गया। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनके समर्थन में छात्र संगठन, किसान संगठन और कई खाप पंचायतें भी आंदोलन में शामिल हो गई हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
सोनम वांगचुक ने सरकार को दिए गए अल्टीमेटम के बाद रविवार सुबह करीब 11 बजे से अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू किया। उन्होंने कहा कि उनका अनशन केवल NEET परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास है। वांगचुक के इस कदम के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों और समर्थकों का उत्साह बढ़ गया।
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वामपंथी छात्र संगठन AISA के कई छात्र भी सोनम वांगचुक के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद हैं।
जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी है। प्रदर्शन स्थल के चारों ओर भारी बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि पुलिस प्रदर्शन स्थल का दायरा छोटा करने की कोशिश कर रही है और लाउडस्पीकर के जरिए बार-बार वहां से हटने की चेतावनी दे रही है। हालांकि, मौके पर मौजूद छात्र और समर्थक शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
आंदोलन से जुड़े संगठन CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रधान गो बैक नाम से देशव्यापी अभियान शुरू किया। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिक संगठनों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारी छात्रों और आंदोलन से जुड़े संगठनों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं।
NEET पेपर लीक मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय की जाए।
भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।
परीक्षा विवादों से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को उचित सहायता और न्याय दिया जाए।
आंदोलन के आयोजकों ने घोषणा की है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो अगले शनिवार दिल्ली में एक बड़ी महारैली आयोजित की जाएगी। इसके लिए देशभर के छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से शामिल होने की अपील की गई है।
दिल्ली पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। वहीं, प्रदर्शनकारी संगठन शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने का दावा कर रहे हैं।
Location : New Delhi
Published : 28 June 2026, 2:16 PM IST
Topics : CJP Protest Dharmendra Pradhan Jantar Mantar Protest NEET Paper Leak Protest Sonam Wangchuk Hunger Strike