
संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन (सोर्स- संसद टीवी)
New Delhi: नीट (NEET) पेपर लीक और धांधली को लेकर देश की राजनीति में उबाल चरम पर है। जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के अनूठे और उग्र विरोध प्रदर्शन ने सड़कों का तापमान बढ़ा दिया है, तो वहीं दूसरी ओर संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन भी महासंग्राम की भेंट चढ़ने के पूरे आसार हैं। छात्रों पर हुई बर्बर पुलिस कार्रवाई और रद्द होती परीक्षाओं को मुद्दा बनाकर राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरा विपक्ष संसद परिसर में धरने पर अड़ा हुआ है। विपक्ष ने सरकार को हर तरफ से घेरने के लिए रणनीतिक व्यूह रचना कर ली है, जिससे संसद के दोनों सदनों में आज भारी हंगामे और तीखी बहस की पूरी संभावना बनी हुई है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस कड़े सियासी आर-पार के बीच दिल्ली की सड़कों से लेकर संसद के गलियारों तक हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर छात्रों के हक में जमकर नारेबाजी कर रहे हैं, वहीं सरकार भी विपक्ष के हर वार का पलटवार करने के लिए अपनी ढाल तैयार कर चुकी है। क्या संसद में आज जनता के मुद्दों पर चर्चा हो पाएगी या हंगामा ही छाया रहेगा? पल-पल की सबसे तेज, सटीक और ग्राउंड जीरो की ताजा अपडेट्स के लिए बने रहिए डाइनामाइट न्यूज़ के इस लाइव ब्लॉग के साथ।
सीजेपी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) ने गुरुवार, 23 जुलाई को कनॉट प्लेस स्थित सभी दुकानों, कार्यालयों और रेस्टोरेंट्स को शाम 6:30 बजे तक बंद करने की सलाह दी है। एसोसिएशन ने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है। व्यापारियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक भीड़ से बचने की अपील की गई है। प्रदर्शन के दौरान यातायात प्रभावित होने की भी आशंका है, इसलिए लोगों को समय रहते अपनी यात्रा की योजना बनाने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी CJP के विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों से संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि सरकार ने बुधवार दोपहर से अब तक छात्र प्रतिनिधियों को चार बार औपचारिक रूप से बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। सिंह ने कहा कि सरकार के लिए यह प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि युवाओं की चिंताओं का समाधान प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि छात्र अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय और किसी भी स्थान पर बातचीत कर सकते हैं। सरकार सभी मुद्दों पर खुले मन से चर्चा के लिए तैयार है।
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें CJP प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में एक महिला प्रदर्शनकारी की मौत होने की बात कही गई थी। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रदर्शनकारी की मौत नहीं हुई है। उन्होंने वायरल पोस्टों को झूठा प्रचार बताते हुए कहा कि इनका उद्देश्य लोगों में दहशत फैलाना और पुलिस व प्रशासन के खिलाफ माहौल बनाना है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि फर्जी खबरें और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने CJP के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पेपर लीक के मामलों में सरकार ने कई स्तरों पर त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की समय पर गिरफ्तारी की गई, दोबारा परीक्षाएं आयोजित कराई गईं और परिणाम भी निर्धारित समय पर घोषित किए गए। सीतारमण ने कहा कि पेपर लीक से प्रभावित कई युवाओं ने इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए अधिक मेहनत की और बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे युवाओं के जज्बे का उदाहरण बताया और कहा कि प्रधानमंत्री छात्रों की चिंताओं के समाधान के लिए लगातार सक्रिय हैं।
कर्नाटक के मांड्या में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। दलित संघर्ष समिति (DSS) और अन्य प्रगतिशील संगठनों के कार्यकर्ताओं ने संजय सर्किल पर एकत्र होकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
NEET मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में गतिरोध लगातार जारी है। विपक्षी दलों के जोरदार विरोध और नारेबाजी के कारण राज्यसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। सदन में हंगामा बढ़ने पर सभापति ने कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में सुप्रीम कोर्ट के कई वकील छात्रों के समर्थन में सामने आए हैं। अधिवक्ताओं ने संविधान की प्रस्तावना पढ़कर छात्रों के अधिकारों और न्याय की मांग उठाई। वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जय सिंह ने कहा कि वकील यहां अपने लिए नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों के लिए खड़े हैं। उन्होंने कहा कि न्याय की रक्षा करना वकीलों का कर्तव्य है और सुप्रीम कोर्ट न्याय देने का सर्वोच्च स्थान है। वकीलों ने छात्रों की मांगों को सुनने और निष्पक्ष कार्रवाई की अपील की है।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश की उपलब्धियों का श्रेय लेते हैं, लेकिन अब युवाओं की परेशानियों और विरोध प्रदर्शनों की जिम्मेदारी भी उन्हें लेनी चाहिए। प्रियंका ने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं में भविष्य को लेकर निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हजारों छात्र सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए। इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है।
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने देश की शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय एकजुटता का आह्वान किया है। बिंद्रा का मानना है कि शिक्षा राजनीति से परे एक ऐसा विषय है जो देश के हर नागरिक से सीधा सरोकार रखता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी राष्ट्र की असली ताकत केवल उसकी आर्थिक प्रगति में नहीं, बल्कि युवाओं को मिलने वाले अवसरों और निष्पक्ष व्यवस्था में निहित होती है।
NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा की मांग को लेकर जारी हंगामे के बीच विपक्षी नेताओं ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। बैठक में राहुल गांधी, अखिलेश यादव के अलावा टीएमसी नेता सौगत रॉय और महुआ मोइत्रा भी मौजूद रहे। स्पीकर ने प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी नेताओं से चर्चा की तारीख और समय तय करने के लिए मिलने को कहा था। उन्होंने बताया कि सरकार बहस के लिए तैयार है और विपक्ष के सुझावों के अनुसार सदन के नियमों के तहत चर्चा कराई जाएगी। हालांकि, सत्र की शुरुआत से ही विरोध प्रदर्शन के कारण कार्यवाही प्रभावित रही है।
जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच अभिजीत दिपके ने स्वास्थ्य कारणों से कुछ समय के लिए विराम लिया है। उन्होंने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से बुखार और तेज शरीर दर्द से परेशान हैं, लेकिन दर्द निवारक दवाओं की मदद से प्रदर्शन में लगातार शामिल होते रहे। दिपके ने समर्थकों से दिन के समय प्रदर्शन स्थल पर मौजूद न रहने के लिए माफी मांगी और कहा कि उन्हें ठीक होने के लिए कुछ घंटे आराम की जरूरत थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी अनुपस्थिति अस्थायी है और वह शाम तक दोबारा जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पेपर लीक मामलों को लेकर मोदी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि युवाओं का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के फैसले को इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं के सपनों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। रिजिजू ने बताया कि सरकार विपक्ष के साथ चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन बाद में कुछ शर्तों के कारण सहमति नहीं बन पाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी छात्रों के हित में सख्त कदम उठाने की बात कही है। सरकार का उद्देश्य युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है और इस दिशा में सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
विपक्ष के जोरदार हंगामे के चलते संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही एक बार फिर बाधित हुई। राज्यसभा और लोकसभा को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई थी, लेकिन विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी जारी रखी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। इसके बावजूद सदन में गतिरोध खत्म नहीं हो सका। विपक्ष लगातार चर्चा और जवाब की मांग कर रहा है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने गुरुवार को कहा कि यदि दोपहर तक सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन नहीं खोला गया, तो सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करेगा।
दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों के बंद होने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बता दें कि, दिल्ली मेट्रो राजधानी की लाइफलाइन मानी जाती है, ऐसे में स्टेशनों के बंद होने से बड़ी संख्या में यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
संसद के मानसून सत्र 2026 में NEET विवाद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को “उकसाने वाला” बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। खड़गे ने कहा कि विपक्ष NEET मामले पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन उससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। विपक्ष लगातार परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है।
BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, "हर मुद्दे पर, हमने पहले भी कहा है और हम कहते रहेंगे कि हम हर मामले की जांच के लिए तैयार हैं। हम फास्ट-ट्रैक कोर्ट लाएंगे ताकि जो भी दोषी या आरोपी हो, उसे सजा मिले। हम यह पक्का करेंगे कि कोई भी आरोपी बख्शा न जाए। और जब PM नरेंद्र मोदी कोई संकल्प लेते हैं, तो देश और दुनिया जानती है कि वह उसे अंजाम तक पहुंचाते हैं।"
दिल्ली: BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, "हर मुद्दे पर, हमने पहले भी कहा है और हम कहते रहेंगे कि हम हर मामले की जांच के लिए तैयार हैं। हम फास्ट-ट्रैक कोर्ट लाएंगे ताकि जो भी दोषी या आरोपी हो, उसे सजा मिले। हम यह पक्का करेंगे कि कोई भी आरोपी बख्शा न जाए। और जब PM नरेंद्र मोदी कोई… pic.twitter.com/W2AR5rC7zp
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संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उन पर निशाना साधते हुए सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। भारी शोर-शराबे के चलते सदन का माहौल गर्म रहा। रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में चर्चा जरूरी है। वहीं विपक्षी सांसद अपनी मांगों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव के कारण कार्यवाही प्रभावित हो रही है।
NEET पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर संसद परिसर में NDA और INDIA गठबंधन के सांसदों के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। मकर द्वार पर दोनों पक्षों के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित हुई, जिसके बाद दोनों सदनों को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
NEET पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर संसद परिसर में NDA और INDIA गठबंधन के सांसदों के बीच जोरदार हंगामा देखने को मिला। मकर द्वार पर दोनों पक्षों के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित हुई, जिसके बाद दोनों सदनों… pic.twitter.com/dHG9prApuM
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पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों पर कोई स्पष्ट बात नहीं की। प्रेमचंद्रन ने आरोप लगाया कि सरकार को पेपर लीक के मुद्दे पर गंभीरता दिखानी चाहिए और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी की मुख्य मांग दोहराते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाना चाहिए। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है और छात्रों के भविष्य को लेकर सवाल उठा रहा है।
दिल्ली के जंतर-मंतर के पास हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद कनॉट प्लेस के ACP विवेक भगत को इलाज के लिए डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों की जांच में उनके कंधे, हाथ-पैर और सिर के पिछले हिस्से में चोटें पाई गईं। ACP ने कान से खून आने और उल्टी की शिकायत भी बताई। सर्जरी विभाग की टीम ने उनकी जांच कर आवश्यक चिकित्सा सहायता दी। बाद में ACP ने आगे के उपचार के लिए AIIMS, नई दिल्ली जाने की इच्छा जताई। जरूरी प्रक्रियाओं के बाद उन्हें RML अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
संसद परिसर में विपक्षी दलों के नेताओं की अहम बैठक चल रही है, जिसमें आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की जा रही है। बैठक में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल समेत कई विपक्षी नेता मौजूद हैं। नेताओं ने संसद में उठाए जाने वाले मुद्दों और सरकार को घेरने की रणनीति पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
मानसून सत्र के चौथे दिन संसद भवन में विपक्ष की बैठक, सरकार को घेरने की रणनीति पर हो रही चर्चा@INCIndia @samajwadiparty @RahulGandhi@yadavakhilesh @supriya_sule pic.twitter.com/cx6wk90cIQ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। CJP ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य और हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाने की बात कही। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
राहुल गांधी ने NEET-UG विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण देश की शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है और परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का भरोसा टूटा है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए, प्रधानमंत्री छात्रों से सार्वजनिक माफी मांगें और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित हमले करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक ये मांगें पूरी नहीं होतीं, विपक्ष छात्रों के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to… https://t.co/0MK4wPMNiK— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 23, 2026
प्रशांत भूषण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि सरकार ने जंतर-मंतर से युवाओं को हटाने के लिए बीती रात अर्धसैनिक बलों के साथ पूरी तैयारी कर ली थी। हालांकि, बड़ी संख्या में जुटी भीड़, नेताओं और चर्चित हस्तियों की मौजूदगी देखने के बाद सरकार ने कथित तौर पर अपना फैसला बदल दिया और बल प्रयोग से पीछे हट गई। भूषण ने आरोप लगाया कि सरकार जनमत को नजरअंदाज करती है, लेकिन अंततः जनता की राय का असर संस्थानों और व्यवस्था पर भी पड़ता है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए जनशक्ति के महत्व पर भी जोर दिया।
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडिंग प्रेसिडेंट अभिजीत दिपके ने लाठीचार्ज की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर पहले भी अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर किया गया लाठीचार्ज बेरहम और अमानवीय था। दिपके ने कहा कि इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और उनके खिलाफ अदालत में मामला दर्ज कराया जाएगा।
नीट पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा फैसला लेते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई कर दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अदालत का रुख किया जाएगा। उन्होंने इस कार्रवाई को बेहद क्रूर बताते हुए कहा कि प्रदर्शन का आज 34वां दिन है, जबकि सोनम वांगचुक का आमरण अनशन 26वें दिन भी जारी है। दिपके ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि उन्होंने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि वे उनकी जान को किसी भी कीमत पर खतरे में नहीं डालना चाहते।
दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से राजधानी के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला किया है। बंद रहने वाले स्टेशनों में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं। हालांकि यात्रियों की सुविधा के लिए राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज सेवा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन युवाओं से जुड़े मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर चलाया जा रहा है। रांका ने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और सरकार से मांगें पूरी होने तक आंदोलन को और व्यापक रूप से जारी रखा जाएगा।
22-23 जुलाई की रात स्पेशल पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था, जोन-I) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचकर जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए पुलिसकर्मियों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और उपचार की समीक्षा की।
22-23 जुलाई की रात, विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था, जोन-I) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए पुलिसकर्मियों से मिलने के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल का दौरा किया और उनके स्वास्थ्य की स्थिति की समीक्षा की।… pic.twitter.com/72xLA8zA5I
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) July 23, 2026
Location : New Delhi
Published : 23 July 2026, 8:26 AM IST