National Herald Case: ED की याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई, सोनिया-राहुल के जवाब से क्या बदलेगा कानूनी विवाद?

नेशनल हेराल्ड मामले में ED की याचिका पर 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई निर्धारित है। एजेंसी ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उसकी शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार किया गया था। सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने याचिका का विरोध किया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 October 2026, 8:40 AM IST

New Delhi: नेशनल हेराल्ड से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें एजेंसी की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया गया था। इस मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। अब हाईकोर्ट में कानूनी विवाद का अहम पहलू यह है कि क्या ED की शिकायत पर आगे सुनवाई का रास्ता खुल सकता है।

ED ने निचली अदालत के आदेश को दी चुनौती

नेशनल हेराल्ड मामले में ED ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट के 16 दिसंबर 2025 के आदेश को चुनौती दी है। निचली अदालत ने एजेंसी की अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद ED ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इस आदेश को चुनौती दी।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 22 सितंबर 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 12 अक्टूबर के लिए निर्धारित की थी। अब इस सुनवाई में ED की दलीलों और बचाव पक्ष के जवाबों पर विचार किया जा सकता है।

निजी शिकायत और FIR को लेकर कानूनी विवाद

इस मामले में विवाद का प्रमुख मुद्दा यह है कि क्या मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ED की शिकायत पर कार्रवाई के लिए संबंधित अनुसूचित अपराध में FIR होना जरूरी है।

राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ED की शिकायत बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से दायर निजी शिकायत पर आधारित थी, न कि संबंधित अपराध की FIR पर। अदालत ने इसी आधार पर ED की शिकायत पर संज्ञान लेने को कानूनन स्वीकार्य नहीं माना था।

वहीं, ED का तर्क है कि निचली अदालत ने कानून की व्याख्या में गलती की। एजेंसी के मुताबिक, निजी शिकायत पर मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लिए जाने की स्थिति में भी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत कार्रवाई की वैधता पर विचार किया जाना चाहिए। इसी कानूनी सवाल पर हाईकोर्ट का रुख महत्वपूर्ण होगा।

सोनिया और राहुल गांधी ने याचिका का किया विरोध

सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने दिल्ली हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर ED की याचिका का विरोध किया है। उनके पक्ष की ओर से इस कार्रवाई को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया गया है। ऐसे में अदालत के सामने जांच एजेंसी की दलीलों के साथ बचाव पक्ष की आपत्तियां भी होंगी।

इस मामले में सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, यंग इंडियन लिमिटेड और अन्य पक्षों के नाम भी शामिल हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति का नाम मामले में शामिल होने का अर्थ अपराध साबित होना नहीं है।

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अब हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजरें

नेशनल हेराल्ड मामला लंबे समय से कानूनी और राजनीतिक चर्चा में रहा है। ED की याचिका पर हाईकोर्ट का विचार इस बात के लिए अहम होगा कि निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली एजेंसी की दलीलों पर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है।

सुनवाई के बाद अदालत का कोई आदेश आता है या मामले में आगे की तारीख तय होती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल, किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अदालत की कार्यवाही और आदेश का इंतजार करना जरूरी है।

Location :  New Delhi

Published :  12 October 2026, 8:40 AM IST