MIDH Scheme: अगर खेती से कमाई बढ़ानी है तो यह योजना जान लीजिए… सरकार दे रही ट्रेनिंग से लेकर आर्थिक मदद तक

खेती को फायदे का सौदा बनाने के लिए सरकार किसानों को सिर्फ सलाह ही नहीं, बल्कि आर्थिक और तकनीकी मदद भी दे रही है। एमआईडीएच योजना के तहत आधुनिक खेती, बागवानी और बेहतर उत्पादन के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। आखिर इस योजना में किसानों को क्या-क्या लाभ मिलता है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 July 2026, 3:21 PM IST

New Delhi: खेती को आधुनिक और लाभदायक बनाने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। इन्हीं में से एक है एमआईडीएच (Mission for Integrated Development of Horticulture) योजना। इस योजना का मकसद किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी और व्यावसायिक खेती की ओर बढ़ावा देना है, ताकि उनकी आमदनी में इजाफा हो सके। सरकार इस योजना के जरिए किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने, बेहतर उत्पादन करने और खेती की लागत कम करने में मदद दे रही है।

क्या है MIDH योजना?

एमआईडीएच योजना बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए शुरू की गई एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है। इसके तहत फल, सब्जियां, मसाले, फूल और अन्य बागवानी फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाता है। योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और खेती को अधिक लाभदायक बनाना है। इसके साथ ही खेती में नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

देशभर में 61 ट्रेनिंग सेंटर

इस योजना की खास बात यह है कि किसानों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आधुनिक खेती का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसके लिए देशभर में 61 प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए हैं। यहां किसानों को उन्नत खेती की तकनीक, बेहतर पौध सामग्री, नई किस्मों की जानकारी और उत्पादन बढ़ाने के तरीके सिखाए जाते हैं।

ये भी पढ़ें- अपील बेअसर, फोन-मेसेज फेल! स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर DVVNL का 200 करोड़ रुपये बकाया, अब क्या करेगा प्रशासन? 

इन प्रशिक्षण केंद्रों का विकास भारत-इजरायल और भारत-नीदरलैंड सहयोग के साथ-साथ कई शोध संस्थानों की मदद से किया गया है। यहां किसानों को आधुनिक खेती के हर पहलू की व्यावहारिक जानकारी दी जाती है।

किन संस्थानों से मिलती है मदद?

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत राज्य बागवानी मिशन, तकनीकी सहायता समूह (TSG), सटीक कृषि विकास केंद्र (PFDC), उत्कृष्टता केंद्र (CoE), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), राज्य कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हैं। इससे किसान कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

आधुनिक खेती के लिए आर्थिक सहायता

एमआईडीएच योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि ढांचा तैयार करने के लिए भी वित्तीय सहायता दी जाती है। ऐसे में अगर कोई किसान पॉलीहाउस, शेड नेट हाउस, प्लास्टिक टनल या अन्य संरक्षित खेती की तकनीक अपनाना चाहता है, तो उसे योजना के तहत आर्थिक सहयोग मिल सकता है। इन तकनीकों की मदद से मौसम की मार से फसलों की सुरक्षा होती है और कम जगह में भी बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है।

ये भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश के 20 लाख बुनकर परिवारों को बड़ी राहत: बिजली फ्लैट रेट योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी, जानिये कैसे मिलेगा फायदा

संसद में भी हुई योजना की चर्चा

संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में इस योजना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकार बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। एमआईडीएच योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने, उत्पादन बढ़ाने और बागवानी को एक मजबूत कृषि व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  29 July 2026, 3:21 PM IST