
30 जून के बाद बदल सकते हैं lpg से जुड़े नियम (Img: AI Generated Image)
New Delhi: देश में हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस को लेकर बने तनाव का असर कई नीतियों पर देखने को मिला। हालांकि अब मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य हो रहे हैं और तेल-गैस की सप्लाई भी पटरी पर लौट रही है, लेकिन इस बीच सरकार ने एलपीजी उपभोक्ताओं से जुड़े कुछ अहम बदलाव लागू कर दिए हैं।
इन बदलावों का असर करोड़ों गैस उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। खासकर उन लोगों पर जिनके घर में एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन मौजूद हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए भी एक जरूरी डेडलाइन सामने है, जिसे नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है।
सरकार ने एलपीजी वितरण से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए नया प्रावधान लागू किया है। इसके तहत जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG कनेक्शन उपलब्ध हो चुका है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। नए नियम के अनुसार, अगर किसी उपभोक्ता के घर में PNG कनेक्शन शुरू हो जाता है, तो उसे 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन वापस करना होगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी घर में 10 जून को PNG कनेक्शन चालू हुआ है, तो 10 जुलाई तक एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना जरूरी होगा।
सरकार का मानना है कि इससे उन इलाकों में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बेहतर होगी, जहां अभी तक PNG नेटवर्क नहीं पहुंचा है।
यह नया नियम केवल किसी एक कंपनी के ग्राहकों के लिए नहीं है। इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस समेत सभी प्रमुख गैस कंपनियों के उपभोक्ताओं को इसका पालन करना होगा। नियम लागू होने के बाद PNG सुविधा मिलने वाले घरों में एलपीजी सिलेंडर की नियमित बुकिंग और रिफिलिंग की अनुमति नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य गैस सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना और जरूरतमंद परिवारों तक एलपीजी की पहुंच सुनिश्चित करना है।
नए नियम के बीच सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत भी दी है। यदि कोई व्यक्ति भविष्य में ऐसे इलाके में शिफ्ट होता है जहां PNG की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो उसे फिर से एलपीजी कनेक्शन लेने में परेशानी नहीं होगी। इसके लिए कनेक्शन सरेंडर करते समय उपभोक्ता को ट्रांसफर वाउचर दिया जाएगा। इसी दस्तावेज की मदद से भविष्य में एलपीजी कनेक्शन दोबारा शुरू कराया जा सकेगा।
एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सिर्फ नया नियम ही नहीं, बल्कि एक जरूरी समय सीमा भी सामने है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 30 जून तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अगर तय समय के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराई गई, तो गैस सब्सिडी मिलने में दिक्कत आ सकती है। इससे लाखों परिवार प्रभावित हो सकते हैं जो उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन का लाभ ले रहे हैं।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई विकल्प दिए गए हैं। उज्ज्वला योजना के लाभार्थी अपने मोबाइल फोन से संबंधित गैस कंपनी के ऐप के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर भी ई-केवाईसी कराई जा सकती है। गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा उपलब्ध है।
सरकार का कहना है कि इन नियमों का मकसद गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। एक ही घर में दो-दो गैस सुविधाओं के उपयोग से होने वाली अनावश्यक सब्सिडी और संसाधनों की बर्बादी को रोकना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। वहीं ई-केवाईसी के जरिए लाभार्थियों का सत्यापन आसान होगा और योजना का फायदा सही लोगों तक पहुंच सकेगा।
एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। जिन घरों में PNG कनेक्शन लग चुका है, उन्हें नए नियम की जानकारी रखना जरूरी है। वहीं उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 30 जून से पहले ई-केवाईसी जरूर पूरी कर लेनी चाहिए। अन्यथा सब्सिडी से जुड़ी परेशानी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ सकता है।
Location : New Delhi
Published : 25 June 2026, 12:14 PM IST
Topics : LPG eKYC LPG New Rule Ujjwala scheme