
सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई
नई दिल्ली: कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन गैस माइग्रेशन विवाद को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को इस मामले में एकमात्र मध्यस्थ नियुक्त किया है। इस प्रक्रिया में दो विशेषज्ञ भी उनकी मदद करेंगे, जिन्हें संबंधित पक्षों की ओर से सुझाया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची तथा जस्टिस विपुल एम. पंचोली की तीन सदस्यीय पीठ ने यह आदेश तब दिया, जब अदालत को बताया गया कि संबंधित पक्ष आपसी बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने में सफल नहीं हो पाए हैं।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब सभी पक्ष आपसी सहमति से किसी समाधान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो विवाद को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने की कोशिश की जानी चाहिए।
इसी के तहत पीठ ने पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को एकमात्र मध्यस्थ नियुक्त करने का सुझाव दिया, जिसे आदेश के जरिए लागू किया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि मध्यस्थ को दो विशेषज्ञों की सहायता मिलेगी। इन विशेषज्ञों को संबंधित पक्षों द्वारा नामित किया जाएगा, ताकि विवाद के तकनीकी पहलुओं को समझने में मदद मिल सके।
केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सरकार मध्यस्थता की पूरी प्रक्रिया में सहयोग करेगी।
पीठ ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया कि वे उसी दिन या अगले दिन जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई से संपर्क करें और उनकी सुविधा के अनुसार बैठक का समय तय करें। अदालत का उद्देश्य बातचीत के जरिए लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान निकालना है।
यह विवाद रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, बीपी एक्सप्लोरेशन (अल्फा) लिमिटेड और निको (NECO) लिमिटेड की अपीलों से संबंधित है।
इन कंपनियों ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें केंद्र सरकार के साथ KG बेसिन गैस माइग्रेशन विवाद में उनके पक्ष में दिए गए मध्यस्थता फैसले को रद्द कर दिया गया था।
इस मामले में गैस के एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में माइग्रेशन और उससे जुड़े अधिकारों तथा वित्तीय दावों को लेकर विवाद है।
इससे पहले 20 मई को सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की सुनवाई टालने की मांग स्वीकार नहीं की थी। उस दौरान रिलायंस और उसके दो विदेशी साझेदारों ने केंद्र सरकार के साथ मध्यस्थता या सुलह के जरिए विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की इच्छा जताई थी।
हालांकि, सभी पक्षों के बीच आपसी सहमति नहीं बन सकी। अब सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई में मध्यस्थता का रास्ता अपनाया है। इस प्रक्रिया में दो विशेषज्ञ भी शामिल होंगे, जिससे विवाद के तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
Location : New Delhi
Published : 30 October 2026, 11:42 AM IST
Topics : KG Basin Gas Dispute Krishna Godavari Basin Ranjana Prakash Desai Reliance Industries Supreme Court News