Kargil Vijay Diwas: जब शहीदों की धरती से आया ‘आखिरी तोहफा’… स्मृति कलश सीने से लगाकर रो पड़े परिजन

Kargil Vijay Diwas की पूर्व संध्या पर सेना ने शहीदों के परिजनों को कारगिल, द्रास और बटालिक के रणक्षेत्रों की पवित्र मिट्टी से भरे 40 स्मृति कलश भेंट किए। कलश हाथ में लेते ही कई परिजन भावुक हो गए। समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीर नारियों और शहीद परिवारों का सम्मान किया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 26 July 2026, 11:00 AM IST

New Delhi: Kargil Vijay Diwas की पूर्व संध्या पर भारतीय सेना ने शहीदों के परिजनों को ऐसा भावनात्मक उपहार दिया, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। कारगिल, द्रास और बटालिक के रणक्षेत्रों की पवित्र मिट्टी से भरे 40 स्मृति कलश शहीदों के परिवारों को सौंपे गए। इन कलशों को हाथ में लेते ही कई परिजनों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने उन्हें अपने सीने से लगा लिया।

रणभूमि की मिट्टी बनी अमर स्मृति

द्रास सेक्टर के लामोचन व्यू प्वाइंट पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में सेना ने उन स्थानों की पवित्र मिट्टी एकत्रित कर स्मृति कलश तैयार किए, जहां भारतीय जवानों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। Kargil Vijay Diwas के इस विशेष आयोजन में मौजूद परिवारों के लिए यह पल बेहद भावुक रहा।

सीने से लगाया स्मृति कलश, छलक पड़े आंसू

जब शहीदों के परिजनों को स्मृति कलश सौंपे गए तो कई परिवार अपने आंसू नहीं रोक सके। किसी ने कलश को माथे से लगाया तो किसी ने उसे सीने से लगाकर अपने वीर सपूत को याद किया। यह केवल मिट्टी नहीं, बल्कि उन वीरों की अमर शहादत का प्रतीक बन गई, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

527 वीरों को दी जाएगी श्रद्धांजलि

Kargil Vijay Diwas के अवसर पर द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान ऑपरेशन विजय में शहीद हुए 527 भारतीय वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। समारोह में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक प्रतिनिधि और शहीदों के परिजन शामिल होंगे।

राजनाथ सिंह ने बढ़ाया जवानों का हौसला

समारोह से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जोजिला दर्रे पहुंचे। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में तैनात भारतीय सैनिकों से मुलाकात की और उनका उत्साह बढ़ाया। रक्षा मंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में जवानों का योगदान अतुलनीय है और पूरा देश उनके साहस को सलाम करता है।

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बलिदान को नमन करने का दिन

Kargil Vijay Diwas केवल विजय का उत्सव नहीं, बल्कि उन वीर सैनिकों के त्याग और समर्पण को याद करने का अवसर है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। रणभूमि की पवित्र मिट्टी से भरे स्मृति कलश आने वाली पीढ़ियों को भी देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देते रहेंगे।

Location :  New Delhi

Published :  26 July 2026, 11:00 AM IST