सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने जंतर-मंतर से किया बड़ा ऐलान, रखी ये शर्त

सफदरजंग अस्पताल में जबरन भर्ती कराए जाने के बावजूद सोनम वांगचुक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। इस बीच सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने उनके आंदोलन को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 20 July 2026, 12:22 AM IST
google-preferred

New Delhi: लंबे समय से जारी सोनम वांगचुक के उपवास को लेकर रविवार देर शाम बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जंतर-मंतर पर मौजूद हजारों समर्थकों के बीच उनकी जीवनसाथी गीतांजलि ने घोषणा की कि यदि राजनीतिक नेता अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात करते हैं और यह आश्वासन देते हैं कि संसद के मानसून सत्र में शिक्षा की जवाबदेही के मुद्दे पर चर्चा होगी, तो वह सोमवार को अपना उपवास समाप्त कर देंगे।

गीतांजलि के इस ऐलान के बाद आंदोलन की दिशा को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने अपने संबोधन में "पॉलिटिकल लीडर्स" का उल्लेख किया और किसी मंत्री का नाम नहीं लिया। साथ ही, पहले उठ रही इस्तीफे की मांग का भी जिक्र नहीं किया गया। इससे आंदोलन की प्राथमिकताओं में बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।

जंतर-मंतर से संसद तक मार्च

घोषणा ऐसे समय में हुई है जब कुछ समय पहले तक जंतर-मंतर से संसद तक मार्च के लिए बड़ी संख्या में लोगों से पहुंचने की अपील की जा रही थी। अब उपवास समाप्त करने की घोषणा के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या सोमवार का प्रस्तावित संसद मार्च पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा या आंदोलन की रणनीति में बदलाव किया जाएगा।

Monsoon Session: मानसून सत्र में पांच नए विधेयक पेश करेगी सरकार, इन मुद्दों पर सदन में दिखेगी गर्मी; विपक्ष ने तैयार की खास रणनीति

सियासी हलचल तेज

राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। कुछ विश्लेषक इसे सरकार के लिए राहत मान रहे हैं, जबकि आंदोलन से जुड़े लोग इसे अपनी प्रमुख मांग—संसद में शिक्षा की जवाबदेही पर चर्चा—को केंद्र में लाने की रणनीति बता रहे हैं।

CJP Protest: सीजेपी के प्रदर्शन के गजब रंग; ऐसे रचनात्मक पोस्टर्स ने खींचा ध्यान, देखें तस्वीरें

फिलहाल सभी की निगाहें सोमवार के घटनाक्रम पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या राजनीतिक नेता अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात करते हैं, क्या संसद के मानसून सत्र में शिक्षा के मुद्दे पर चर्चा का आश्वासन मिलता है और क्या इसके बाद प्रस्तावित संसद मार्च अपने तय स्वरूप में आगे बढ़ता है या आंदोलन नई दिशा लेता है।

Location :  New Delhi

Published :  20 July 2026, 12:11 AM IST

Related News

Advertisement