Iran-US Truce: होर्मुज जलडमरूमध्य पर समझौते के संकेत, ट्रंप के दावे पर ईरान ने लगाया ब्रेक

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर हलचल तेज हो गई है। Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने और तनाव कम होने का दावा किया, लेकिन ईरान ने इसे सीमित सहमति बताया। कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि परमाणु मुद्दों पर आगे बातचीत जारी रहेगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 24 May 2026, 9:25 AM IST

New Delhi: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अब एक संभावित समझौते की खबर ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा समझौता लगभग तय हो चुका है। ट्रंप के अनुसार इस समझौते से न केवल युद्ध की स्थिति खत्म होने की दिशा बनेगी, बल्कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को भी दोबारा खोला जा सकता है।

14 बिंदुओं वाले समझौते पर चर्चा

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच जिस समझौते पर बातचीत चल रही है, उसमें 14 अहम बिंदु शामिल हैं। प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने, लेबनान समेत अन्य मोर्चों पर संघर्ष रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को धीरे-धीरे खोलने की योजना है।

इसके अलावा ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक दबाव कम करने और विदेशी बैंकों में फंसी ईरानी संपत्तियों को आंशिक रूप से अनफ्रीज करने पर भी चर्चा हो रही है। सूत्रों के अनुसार यह फिलहाल स्थायी शांति समझौता नहीं बल्कि युद्ध रोकने और आगे बातचीत शुरू करने का अंतरिम फार्मूला माना जा रहा है।

परमाणु कार्यक्रम पर आगे होगी बातचीत

जानकारी के अनुसार इस शुरुआती समझौते के बाद करीब 30 दिनों तक नई बातचीत चलेगी। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, एनरिच्ड यूरेनियम और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कठिन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। फिलहाल दोनों देशों का ध्यान तनाव कम करने और संघर्ष रोकने पर केंद्रित है।

ईरान ने ट्रंप के दावों पर जताई आपत्ति

जहां ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पूरी तरह खुलने का दावा किया, वहीं ईरान ने इस पर अलग रुख अपनाया है। ईरान की सरकारी एजेंसी फार्स न्यूज ने कहा कि होर्मुज पर नियंत्रण पूरी तरह तेहरान के हाथ में रहेगा और अमेरिका का “फ्री पैसेज” वाला दावा वास्तविकता से मेल नहीं खाता।

ईरान का कहना है कि उसने केवल जहाजों की आवाजाही को युद्ध से पहले वाले स्तर तक सामान्य करने पर सहमति जताई है। इसका अर्थ यह नहीं कि समुद्री रास्ता पूरी तरह बिना शर्त खोल दिया जाएगा।

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कतर बना मध्यस्थ, पाकिस्तान की कोशिशें कमजोर

इस पूरी प्रक्रिया में Qatar और Pakistan बैकचैनल मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान पहले बातचीत कराने में सफल नहीं हो पाया, जिसके बाद कतर ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir भी तेहरान दौरे के बाद वापस लौट चुके हैं।

Location :  New Delhi

Published :  24 May 2026, 8:25 AM IST