सीमा पार बैठे आतंकी कैसे बन रहे हैं भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा? ड्रोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल का भी आरोप

केंद्र सरकार ने पाकिस्तान में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 23 लोगों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया है। अधिसूचना के अनुसार इन पर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ, भर्ती, हथियारों की तस्करी, ड्रोन के जरिए हथियार भेजने और आतंकी साजिशों में शामिल होने के आरोप हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 July 2026, 1:18 PM IST

New Delhi: केंद्र सरकार ने सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े 23 लोगों को आतंकवादी घोषित कर दिया है। सरकार की अधिसूचना के अनुसार इन व्यक्तियों पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने, घुसपैठ कराने, हथियार उपलब्ध कराने और युवाओं की भर्ती कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

किन गतिविधियों के आरोप में घोषित किए गए आतंकी?

सरकारी अधिसूचना के मुताबिक इन व्यक्तियों पर आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण, सीमा पार से घुसपैठ कराने, हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति, ड्रोन के जरिए हथियार भेजने, आतंकी हमलों की साजिश रचने तथा भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों का समन्वय करने के आरोप हैं। सरकार का कहना है कि ये लोग लंबे समय से सीमा पार बैठे आतंकी ढांचे का हिस्सा रहे हैं।

हाफिज सईद के करीबी सहयोगी भी सूची में

आतंकवादी घोषित किए गए लोगों में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के तीन कथित करीबी सहयोगी—अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राना इफ्तिखार—भी शामिल हैं। अधिसूचना के अनुसार इन पर आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने, धन जुटाने, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने और विभिन्न आतंकी संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने के आरोप हैं।

नगरोटा और सुनजवां हमलों से जुड़े नाम भी शामिल

सरकार ने 2016 के नगरोटा सेना शिविर हमले और 2018 के सुनजवां सैन्य स्टेशन हमले से जुड़े कई कथित आरोपियों को भी इस सूची में शामिल किया है। इनमें मुफ्ती मोहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद, हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जेहादी, मोहम्मद मुसद्दिक उर्फ हमजा और मसूद इलियास कश्मीरी के नाम शामिल हैं। अधिसूचना में इन पर हमलों की साजिश, घुसपैठ और हथियार उपलब्ध कराने के आरोप लगाए गए हैं।

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सोशल मीडिया के इस्तेमाल का भी आरोप

सरकार के अनुसार कुछ आरोपी आधुनिक तकनीक का उपयोग कर आतंकी गतिविधियां संचालित कर रहे थे। अधिसूचना में कहा गया है कि ड्रोन के जरिए हथियार भेजने, सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की भर्ती करने, आतंकी फंडिंग जुटाने और साइबर नेटवर्क संचालित करने जैसी गतिविधियों में भी इनकी कथित भूमिका रही है।

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आतंकी नेटवर्क पर शिकंजा कसने की कोशिश

केंद्र सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क की वित्तीय, लॉजिस्टिक और भर्ती संबंधी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है। यह कार्रवाई UAPA के तहत की गई है और आगे भी सुरक्षा एजेंसियां ऐसे नेटवर्क पर निगरानी जारी रखेंगी।

Location :  New Delhi

Published :  4 July 2026, 1:18 PM IST