बड़ी राहत: टैक्सपेयर्स के लिए आगे बढ़ी टैक्स ऑडिट और ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख, चेक करें नई डेट्स

त्योहारी सीजन और तकनीकी दिक्कतों के बीच CBDT ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट और ITR फाइलिंग की डेडलाइन 21 दिन बढ़ा दी है। अब कारोबारी 21 अक्टूबर तक ऑडिट रिपोर्ट और 21 नवंबर 2026 तक ITR दाखिल कर सकेंगे।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 September 2026, 11:44 AM IST

New Delhi: त्योहारी सीजन की शुरुआत के बीच देश के करदाताओं, व्यापारियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की डेडलाइन में बड़ा इजाफा किया है। सरकार की तरफ से मिली इस 21 दिनों की अतिरिक्त मोहलत से देश भर के लाखों कारोबारियों और टैक्स प्रोफेशनल्स को बड़ी राहत मिली है।

क्यों उठाई जा रही थी डेडलाइन बढ़ाने की मांग?

पिछले कुछ समय से टैक्सपेयर्स और सीए लगातार यह मांग कर रहे थे कि रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को आगे बढ़ाया जाए। इसकी मुख्य वजह टैक्स पोर्टल पर आने वाली तकनीकी दिक्कतें और भारी वर्कलोड था। इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सीबीडीटी ने यह अहम फैसला लिया है, ताकि करदाताओं को बिना किसी हड़बड़ी के अपने कानूनी दायित्वों को पूरा करने का पूरा मौका मिल सके।

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अब क्या हैं नई डेडलाइन्स?

सीबीडीटी के नए आदेश के बाद अब टैक्स ऑडिट और आईटीआर फाइलिंग से जुड़ी संशोधित तारीखें इस प्रकार हैं-

टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (Tax Audit Report): जिन करदाताओं (कारोबारियों और कंपनियों) के लिए अपने खातों का ऑडिट कराना अनिवार्य है, वे अब अपनी ऑडिट रिपोर्ट 30 सितंबर 2026 के बजाय 21 अक्टूबर 2026 तक सबमिट कर सकेंगे।

आईटीआर फाइलिंग (ITR Filing - Audit Cases): जिन मामलों में टैक्स ऑडिट अनिवार्य होता है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है। इस तरह रिटर्न भरने के लिए भी पूरे 21 दिन का अतिरिक्त समय मिल गया है।

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समयसीमा चूकने पर लग सकता है जुर्माना

भले ही सरकार ने टैक्सपेयर्स की सहूलियत के लिए समयसीमा बढ़ा दी है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इसे आखिरी वक्त के लिए नहीं छोड़ना चाहिए। आयकर अधिनियम की धारा 271B के प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई पात्र करदाता निर्धारित नई डेडलाइन (यानी 21 अक्टूबर) तक अपनी टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने में विफल रहता है, तो उसे भारी आर्थिक जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी संबंधित करदाताओं और कारोबारियों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें।

Location :  New Delhi

Published :  29 September 2026, 11:44 AM IST