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उत्तर भारत से लेकर दक्षिण तक झमाझम बारिश का अलर्ट (Img- Pinterest)
New Delhi: सर्दियों की सुस्त आहट के बीच देश के मौसम ने अचानक एक डरावना और खतरनाक मोड़ ले लिया है। एक तरफ जहां मानसून की आधिकारिक विदाई चल रही है, वहीं दूसरी तरफ भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी 10 अक्टूबर को देश के कुल 23 राज्यों में मूसलाधार बारिश, भयंकर आंधी और तूफानी हवाओं का कर्राह देखने को मिलेगा। इस दौरान कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन के प्रभावित होने की पूरी आशंका है।
IMD की ताजा भविष्यवाणियों के मुताबिक, जिन राज्यों में मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक रहने वाला है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, मिजोरम, मणिपुर, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, सिक्किम, त्रिपुरा और असम शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के मिले-जुले असर से बादलों का डेरा और तेज बौछारें देखने को मिलेंगी।
उत्तर प्रदेश में मौसम का दोहरा रूप, 30 जिलों में बूंदाबांदी तो बाकी हिस्सों में छाएगी शुष्क धूप
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और हल्की बूंदाबांदी के साथ 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान गिरकर अधिकतम 32 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, आगरा, वाराणसी और मेरठ जैसे बड़े जिलों में भारी बारिश के साथ 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से खतरनाक आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। यहाँ तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की जाएगी।
पहाड़ी इलाकों में भी मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं। उत्तराखंड के हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, मसूरी और पिथौरागढ़ जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ 70 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे दून का तापमान गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, धर्मशाला और डलहौजी में भी झमाझम बारिश के साथ 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी है, जहाँ मनाली का न्यूनतम तापमान गिरकर 0 डिग्री तक जा सकता है।
मौसम के इस अचानक और आक्रामक रुख ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि खेतों में तैयार खड़ी फसलें इस बेमौसम बारिश और आंधी की चपेट में आ सकती हैं। इसके अलावा, समुद्र में उठने वाली तेज लहरों और तूफानी हवाओं को देखते हुए मछुआरों और तटीय इलाकों के लोगों को समंदर में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
Location : New Delhi
Published : 10 October 2026, 9:28 AM IST