दिल्ली में अवैध निर्माण बना मौत का जाल, लेंटर गिरने से ठेकेदार और बेटे की मौत

दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलन गार्डन में निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरने से ठेकेदार चंद्रपाल और उनके बेटे विजय कुमार की मौत हो गई। एनडीआरएफ ने रातभर रेस्क्यू के बाद सोमवार सुबह दोनों के शव बरामद किए। पुलिस मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 26 October 2026, 9:34 AM IST

East Delhi: पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलन गार्डन में अवैध निर्माण के दौरान हुए हादसे ने दो परिवारों को उजाड़ दिया। रविवार शाम निर्माणाधीन मकान का लेंटर अचानक गिर गया, जिसके मलबे में ठेकेदार और उनका बेटा दब गए। हादसे के बाद एनडीआरएफ, दमकल विभाग और दिल्ली पुलिस की टीमों ने रातभर बचाव अभियान चलाया। सोमवार सुबह दोनों के शव मलबे से बरामद किए गए। मृतकों की पहचान ठेकेदार चंद्रपाल और उनके बेटे विजय कुमार के रूप में हुई है। इस घटना के बाद यमुनापार में अवैध निर्माण और सुरक्षा इंतजामों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन, सुबह मलबे से निकले शव

पुलिस के मुताबिक, रविवार शाम करीब 6:46 बजे हर्ष विहार के मिलन गार्डन में मकान का लेंटर गिरने की सूचना मिली थी। करीब 200 गज के प्लॉट पर निर्माण कार्य चल रहा था। बताया गया है कि रविवार शाम तक मकान की पहली मंजिल का लेंटर डाला गया था।

शाम करीब पांच बजे तक लेंटर डालने का काम पूरा होने के बाद ज्यादातर मजदूर वहां से जा चुके थे। हालांकि, सेटरिंग का काम देखने वाले ठेकेदार चंद्रपाल और उनके बेटे विजय कुमार मौके पर ही रुके हुए थे। इसी दौरान अचानक लेंटर भरभराकर गिर गया और दोनों उसके नीचे दब गए।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबा काफी ज्यादा होने के कारण बचाव अभियान में लंबा समय लगा। पूरी रात चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार सुबह दोनों के शव बरामद किए गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी

जिला पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद बचाव कार्य शुरू कराया गया था। पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, मकान मालिक कुलविंदर तंवर के खिलाफ लापरवाही से मौत के मामले में केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। जांच में निर्माण कार्य की परिस्थितियों, लेंटर गिरने के कारणों और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

हालांकि, लेंटर गिरने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल इस हादसे ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यमुनापार में इस साल अवैध निर्माण से नौ मौतों का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल यमुनापार में अवैध निर्माण से जुड़े हादसों में अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

निर्माण कार्य के दौरान उचित तकनीकी निगरानी, सेटरिंग की मजबूती और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है। खासकर लेंटर डालने जैसे काम में किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

हर्ष विहार की इस घटना में पिता और बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब पुलिस जांच के जरिए हादसे की वजह और संभावित जिम्मेदारी तय करने की कोशिश करेगी। साथ ही, यह मामला स्थानीय स्तर पर अवैध निर्माण की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत को सामने लाता है।

Location :  New Delhi

Published :  26 October 2026, 9:34 AM IST