DN Exclusive: अगर ये इंसान आज जिंदा होते तो दुनिया बदल जाती! जानें कौन?

अगर कोई महान व्यक्ति आज जिंदा होता तो दुनिया शायद बहुत अलग होती, क्योंकि इतिहास बताता है कि कुछ लोग अपने समय से कई दशक आगे सोचते थे। आज इस दुनिया को देखता, तो शायद वह यही कहता तकनीक बढ़ी है, लेकिन इंसानियत पीछे क्यों रह गई?

Updated : 26 May 2026, 4:11 PM IST

New Delhi: इतिहास में कुछ ऐसे महान लोग हुए हैं जिनकी सोच अपने समय से बहुत आगे थी। उन्होंने अपने समय में जो विचार दिए, वे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। लेकिन एक सवाल हमेशा दिल में आता है अगर ये लोग आज जिंदा होते, तो क्या दुनिया और बेहतर होती?

कुछ लोग अपने समय से कई दशक आगे

अगर कोई महान व्यक्ति आज जिंदा होता तो दुनिया शायद बहुत अलग होती, क्योंकि इतिहास बताता है कि कुछ लोग अपने समय से कई दशक आगे सोचते थे। उदाहरण के तौर पर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, जिन्हें मिसाइल मैन ऑफ इंडिया कहा जाता है, उन्होंने भारत के मिसाइल और स्पेस प्रोग्राम को नई दिशा दी और 1998 के पोखरण-II परमाणु परीक्षण में भी अहम भूमिका निभाई। अगर वे आज होते, तो उनकी वैज्ञानिक सोच और युवाओं को प्रेरित करने की क्षमता के कारण भारत तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में और तेजी से आगे बढ़ सकता था।

वैश्विक संघर्षों को शांतिपूर्ण तरीके से हल

इसी तरह महात्मा गांधी, जिन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांत से भारत को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, आज की दुनिया में अगर होते तो शायद वैश्विक संघर्षों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने के नए रास्ते मिल सकते थे। क्योंकि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स भी ये मानती हैं कि अहिंसा आधारित आंदोलन इतिहास में सबसे प्रभावी सामाजिक बदलावों में से एक रहे हैं। ऐसे महान व्यक्तित्वों की सोच आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, और यही कारण है कि कहा जाता है कि अगर ये लोग आज होते, तो दुनिया सिर्फ तेज नहीं, बल्कि ज्यादा मानवीय भी होती।

मानवता का संतुलन

कुछ व्यक्तित्व ऐसे थे जिनकी सोच सिर्फ अपने देश या समय तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरी मानवता के लिए थी। उन्होंने शिक्षा, समानता, विज्ञान और समाज सुधार के लिए काम किया। अगर वे आज होते, तो शायद शिक्षा और आसान होती समाज में समानता और मजबूत होती तकनीक और मानवता का संतुलन भी बेहतर होता। आज की दुनिया तेज है, डिजिटल है, लेकिन कई बार भावनाओं और मूल्यों से दूर भी लगती है।

इंसानियत पीछे क्यों रह गई?

सोचिए अगर कोई महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक या वैज्ञानिक आज इस दुनिया को देखता, तो शायद वह यही कहता तकनीक बढ़ी है, लेकिन इंसानियत पीछे क्यों रह गई? ऐसे में अगर वे महान विचारक या नेता आज होते, तो सामाजिक दूरी कम होती नैतिकता और मजबूत होती और मानवता पहले स्थान पर होती।

Location :  New Delhi

Published :  26 May 2026, 4:10 PM IST