
भारी बारिश और भूस्खलन से उत्तर भारत में तबाही
Shimla: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने कहर बरपाया है। बीते 24 घंटे में राज्य में छह लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में पूरे राज्य को आपदा प्रभावित घोषित किया। उन्होंने बताया कि अब तक 3,056 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 24 और 34 लागू कर दी गई है, जिससे जिला मजिस्ट्रेट आपात स्थिति में आवश्यक आदेश जारी कर सकेंगे।
अगस्त 2023 हिमाचल प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बारिश वाला महीना साबित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त में 431.3 मिमी बारिश हुई है, जो 1949 के बाद सबसे ज्यादा है। यह 1901 के बाद से नौवीं सबसे अधिक दर्ज की गई वर्षा है। लगातार बारिश से भूस्खलन, सड़कें धंसने और मकान ढहने की घटनाएं आम हो गई हैं।
राज्य के शिमला, जुन्गा, जुब्बल-कोटखाई और सिरमौर जिलों में भूस्खलन की चपेट में आने से छह लोगों की जान चली गई। मृतकों में एक पिता-पुत्री भी शामिल हैं। कुमारहट्टी में एक मकान गिरने से चार लोग घायल हुए, जबकि मणिमहेश यात्रा के दौरान तीन श्रद्धालु पहाड़ी से पत्थर गिरने से घायल हुए।
भारी बारिश और भूस्खलन से उत्तर भारत में तबाही
हिमाचल में पांच राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 1,277 सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा 3,207 बिजली ट्रांसफार्मर और 790 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। मनाली-लेह हाईवे पर कोकसर इलाके में 250 वाहन फंस गए हैं।
उत्तरकाशी जिले के मुनकटिया में रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर बड़ा हादसा हुआ। कुलदेवी की डोली लेकर लौट रहे 10 लोगों के वाहन पर अचानक बोल्डर गिर गया। इस घटना में रीता देवी और चंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए। एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमों ने तुरंत राहत-बचाव अभियान चलाकर घायलों को बाहर निकाला और इलाज के लिए भेजा।
रुद्रप्रयाग से चमोली तक मानसून का कहर, ग्रामीण इलाकों में संकट, अस्पताल तक पहुंचना भी मुश्किल
भारी बारिश के कारण उत्तरकाशी जिले के गजियावाला में संसारी माता का मंदिर ढह गया। आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग ने देहरादून और उत्तरकाशी में रेड अलर्ट जारी किया है।
पंजाब में लगातार बारिश और नदियों के उफान से हालात बिगड़ गए हैं। राज्य के 12 जिलों में अब तक 2.56 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की वजह से 29 लोगों की मौत हो चुकी है।
94,061 हेक्टेयर फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान मानसा जिले के किसानों को हुआ है। मौसम विभाग ने पंजाब में मंगलवार को रेड अलर्ट और बुधवार को यलो अलर्ट जारी किया है। यदि पहाड़ों पर बारिश नहीं रुकी तो पंजाब की स्थिति और खराब हो सकती है।
हिमाचल के चंबा जिले में भूस्खलन और बारिश से मणिमहेश यात्रा प्रभावित हुई है। सैकड़ों श्रद्धालु मार्ग में फंसे हुए हैं। इसी को लेकर हिमाचल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रणय प्रताप सिंह ने अदालत को आश्वासन दिया कि सरकार प्रभावितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से दो सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।
केंद्र और राज्य सरकारें लगातार राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रही हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और चिकित्सा सुविधा पहुंचा रहे हैं।
Location : Shimla
Published : 2 September 2025, 7:27 AM IST
Topics : monsoon Punjab uttarakhand Weather Update