Heat Waves: भीषण लू और 2500 मौतें, सड़कों पर सन्नाटा; जानिये नौतपा ने कब लिया था विकराल रूप

देश के कई राज्य खासकर उत्तर भारत इस समय नौतपा के भीषण प्रकोप से जूझ रहे हैं। नौतपा के कारण प्रचंड गर्मी, लू और तपिश से लोग बेहाल है। नौतपा इससे पहले भी अपना विकराल रूप दिखा चुका है, जो कई लोगों के जीवन पर भारी पड़ा।

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 26 May 2026, 4:56 PM IST

नई दिल्ली: उत्तर भारत के कई राज्य इस समय भीषण गर्मी की चपेट में हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजान समेत कई राज्यों में हीट वेव का इतना प्रकोप है कि लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। नौतपा के कारण प्रचंड गर्मी, लू और तपिश विकराल रूप लेती जा रही है।

दरअसल, हर साल 25 मई से 2 जून के बीच का समय नौतपा के लिये जाना जाता है। इस अवधि में तापमान जबरदस्त तरीके से बढ़ता है और लोगों का बाहर निकलना दूभर हो जाता है।

नौतपा का कारण
मई माह आखिरी दिनों में सूर्य कर्क रेखा के बेहद करीब आता है। कर्क रेखा के करीब होने के कारण सूरज धरती के करीब होता है और एक तरह से सूर्य से तेज तपन की बरसात होती है। सूर्य कर्के रेखा में होने के कारण धरती का तापमान भी बढ़ता है और जबरदस्त गर्मी व लू का प्रकोप बढ़ जाता है।

जबरदस्त गर्मी की दस्तक
इस साल भी नौतपा में जबरदस्त गर्मी दस्तक दे रही है। दिल्ली समेत कई महानगरों और शहरों में स्थिति बेहद खराब है। दिन के अलावा रात को भी लोगों को तेज तपिश का सामना करना पड़ रहा है।

त्रासदी भरा वो साल
देश में इससे पहले भी कई बार नौतपा ने जबरदस्त कहर बरपाया। हाल के वर्षों की यदि बात की जाये तो साल 2015 नौतपा और भीषण गर्मी के कारण बेहद त्रासदी भरा साबित हुआ। 2015 में प्रचंड गर्मी, लू और तपिश के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में कुल मिलाकर 2500 लोगों की मौत हुई। कई लोग बीमार पड़ गये थे और अस्पताल भर गये थे। ऊपर से पानी और बिजली की किल्लत ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया था। तेज गर्मी में बिजली, पानी की किल्लत को मौतों का कारण माना गया।

सड़कों पर सन्नाटा
उस साल पड़ी गर्मी का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि देश के कई शहरों की सड़कों पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सन्नाटा पसरा रहता था। लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई, ताकि लोग गर्मी से बच सकें।

मचा रहा हाहाकार
नौतपा के कारण 2015 में कई क्षेत्रों में लंबे समय तक हाहाकार मचा रहा। दोपहर में सड़कें सूनी होती थी। हीट वेव व गर्मी की चपेट में आकर कई लोगों की सेहत बिगड़ गई थी।

इन राज्यों में सबसे अधिक मौतें
2015 में दक्षिण भारती के राज्यों में गर्मी का सबसे ज्यादा प्रकोप देखने को मिला। राज्य आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तब क्रमशः 1,735 और 585 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई। ये क्षेत्र लू से सबसे अधिक प्रभावित हुए। अन्य मौतें पूर्वी राज्यों पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हुईं।

Location :  New Delhi

Published :  26 May 2026, 4:26 PM IST